Cyclone Murasu: बंगाल की खाड़ी से उठा Cyclone Murasu अब कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। हालांकि, इसका असर दक्षिण भारत के कई राज्यों में अब भी बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 4 नवंबर के मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। वहीं, तेलंगाना, तमिलनाडु और पुडुचेरी में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
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दूसरी ओर, बिहार, झारखंड और उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने का अनुमान है। कुछ इलाकों में सुबह कोहरा और दिन में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं।
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कमजोर हुआ चक्रवात Murasu, फिर भी खतरा बरकरार
Cyclone Murasu का अवशेष फिलहाल तटीय आंध्र प्रदेश और उससे सटे पूर्वी तेलंगाना के ऊपर गहरे दबाव के क्षेत्र के रूप में सक्रिय है। IMD के अनुसार, 3 नवंबर की दोपहर तक इसकी अधिकतम निरंतर हवा की गति 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई थी, जबकि हवा के झोंके 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रहे थे।
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि यह सिस्टम 4 नवंबर की सुबह तक और कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बावजूद दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का प्रभाव बना रहने की संभावना है।
Cyclone Murasu: आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट
तटीय आंध्र प्रदेश में 4 नवंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, रायलसीमा क्षेत्र में गरज-चमक के साथ तेज सतही हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग के मुताबिक, 5 से 7 नवंबर के बीच भी आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल में भी बारिश की चेतावनी
तेलंगाना में 4 नवंबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। Murasu का कमजोर होता सिस्टम आंध्र प्रदेश से आगे बढ़ते हुए राज्य के पूर्वी हिस्सों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, IMD के अनुसार, 5 नवंबर से तेलंगाना के लिए कोई विशेष बारिश चेतावनी नहीं है। तमिलनाडु और पुडुचेरी में 4 से 8 नवंबर तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका भी है। इसके अलावा, केरल में 4 नवंबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
बिहार और झारखंड में कैसा रहेगा मौसम?
दक्षिण भारत में जहां बारिश का दौर जारी है, वहीं बिहार में 4 नवंबर को मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। IMD ने राज्य के लिए कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की है। मुरासु के प्रभाव से बिहार में भारी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। झारखंड में सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे का असर देखने को मिल सकता है। दिन में आसमान आंशिक रूप से बादलयुक्त रहने की संभावना है। हालांकि, दक्षिणी झारखंड के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक हो सकती है। रांची मौसम केंद्र के अनुसार, जमशेदपुर, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां में स्थानीय स्तर पर मौसम बदल सकता है।
राजधानी रांची में सुबह कोहरा छाने और बाद में आसमान में आंशिक बादल रहने का अनुमान है। वहीं, 5 नवंबर से झारखंड में सुबह कोहरा और दिन में मुख्यतः साफ आसमान रहने की संभावना जताई गई है।
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और यूपी में मौसम रहेगा शुष्क
उत्तर-पश्चिम भारत के लिए IMD के क्षेत्रीय दैनिक मौसम बुलेटिन के अनुसार, 4 नवंबर को दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी 4 नवंबर को बारिश को लेकर कोई विशेष चेतावनी नहीं है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर में 5 नवंबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
मध्य प्रदेश के इन जिलों में हो सकती है बारिश
मध्य प्रदेश में 4 नवंबर को ज्यादातर इलाकों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इन जिलों में बैतूल, अनूपपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा शामिल हैं। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए मौसम विभाग ने कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है। भोपाल में सुबह धुंध या कोहरा छाने और दिन में मुख्यतः साफ आसमान रहने की संभावना है।

