नेमरा (रामगढ़): झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर अपने पिता शिबू सोरेन के संघर्षपूर्ण जीवन में मां रूपी सोरेन की भूमिका को याद किया है। मुख्यमंत्री ने गांव की पगडंडियों, खेतों और जल-जंगल से जुड़ी स्मृतियों के जरिए उस दौर को बयां किया, जब उनके पिता ने संघर्ष की राह पर कदम बढ़ाए थे। इस कठिन सफर में मां हर कदम पर उनके साथ खड़ी रहीं और मुश्किल परिस्थितियों में उनकी ताकत बनीं।
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी पोस्ट में लिखा, “गांव की इन्हीं पगडंडियों, इन्हीं खेतों और जल-जंगल के बीच बाबा ने संघर्ष की शुरुआत की थी। उस कठिन सफर में मां हर कदम पर उनकी हमसफर बनकर साथ चलीं।
उन्होंने आगे लिखा कि बाबा ने जब-जब संघर्ष की राह चुनी, मां ने हर मुश्किल में उनका हाथ थामे रखा। बाबा के संघर्ष में मां सिर्फ उनकी साथी नहीं थीं, बल्कि उनकी ताकत, उनका संबल और हर कठिन मोड़ पर उनकी सबसे बड़ी हिम्मत थीं।
गांव की मिट्टी, खेतों और जल-जंगल से जुड़ी इन स्मृतियों के माध्यम से मुख्यमंत्री ने अपने परिवार के संघर्ष के दिनों को याद किया।
नौंवे दिन निभाई पारंपरिक रस्म

इधर शुक्रवार को सीएम हेमंत सोरेन ने अपनी पूजनीय माता दिवंगत रूपी सोरेन के आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध कर्म संस्कार के नौवें दिन दातून, पानी एवं भोजन परोसने के रस्म का निर्वहन किया। इस भावुक क्षण में परंपरा के अनुरूप श्राद्ध कर्म संस्कार के सभी रीति-रिवाज मुख्यमंत्री के पारिवारिक सदस्यों द्वारा श्रद्धापूर्वक निभाया जा रहा है। सीएम हेमंत सोरेन ने अपनी मां के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया और श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके बेटे भी साथ नजर आए।

