रांची : पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया जाएगा। लोक कल्याण के क्षेत्र में उनके दिए गए योगदान के आधार पर दिया जाएगा। इस बार केंद्र सरकार ने दिशोम गुरू समेत 13 लोगों को पद्म भूषण के अलावा 5 व्यक्तियों को पद्म विभूषण एवं 113 लोगों को पद्मश्री से सम्मानित करने का ऐलान किया है।
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दिशोम गुरु भारत रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे
दिशोम गुरू शिबू सोरेन को भारत रत्न दिए जाने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने समस्त झारखंड की जनता की ओर से केंद्र सरकार का आभाऱ जताया है। वर्तमान में लंदन दौरे पर मौजूद सीएम हेमंत सोरेन ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “हम सबके प्रिय, सम्माननीय और आदरणीय बाबा स्व दिशाेम गुरुजी शिबू सोरेन जी को पद्म भूषण सम्मान से घोषणा के लिए, झारखंड की समस्त जनता की ओर से मै केंद्र सरकार को हार्दिक आभार और धन्यवाद देता हूं। स्व दिशोम गुरुजी का जीवन राजनीतिक सीमाओं से कहीं परे, अनंत तक जाता है।

आगे लिखते हैं, ” उनका संपूर्ण जीवन समता, समावेशी और सामाजिक न्याय, अस्मिता, आदिवासी पहचान, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण तथा शोषित-वंचित वर्गों के हक और अधिकारों के लिए किए गए विराट संघर्ष का साक्षी रहा है।
यह वही संघर्ष था, जिसने दशकों की सामाजिक और राजनीतिक लड़ाई के बाद झारखंड को उसका अपना राज्य दिलाया और झारखंडवासियों को झारखंडी होने का गर्व।”
झारखंड की जनता के हृदय और विचारों में, और लद्दाख से केरल तक, राजस्थान से असम तक देश के आदिवासी समाज के बीच, भारत मां के सच्चे सपूत, स्व बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी भारत रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे।”
झारखंड के लिए गर्व का क्षण

गांडेय की विधायक और दिवंगत दिशोम गुरू शिबू सोरेन की बहू कल्पना मुर्मु सोरेन ने एक्स पर साझा पोस्ट में लिखा, “मेरे बाबा, हम सभी के अभिभावक स्वर्गीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी को पद्म भूषण सम्मान की घोषणा झारखंड के लिए गर्व का क्षण है। यह सम्मान उनके जीवन भर के संघर्ष, आदिवासी अस्मिता, सामाजिक न्याय और देशहित में किए गए कार्यों को मिली राष्ट्रीय पहचान है।”
आगे उन्होंने लिखा, “बाबा दिशोम गुरु जी ने अपना पूरा जीवन शोषित-वंचित समाज के अधिकार, समानता और आत्मसम्मान के लिए समर्पित किया है। बाबा के इस सम्मान के लिए झारखण्ड की जनता की ओर से केंद्र सरकार के प्रति हार्दिक आभार। बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी सदा हमारे विचारों और संघर्ष में जीवित रहेंगे। दिशोम गुरु शिबू सोरेन, अमर रहें”
पद्म भूषण सम्मान पर पूर्व विधायक व भाजपा नेता सह सोरेन परिवार की बड़ी बहू सीता सोरेन ने लिखा, “झारखंड आंदोलन के महानायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी को लोक कल्याण एवं जनसंघर्ष के क्षेत्र में मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान देने के निर्णय का हार्दिक अभिनंदन। इस गौरवपूर्ण निर्णय हेतु केंद्र सरकार का कोटि-कोटि धन्यवाद। झारखंड की अस्मिता, संघर्ष और स्वाभिमान के प्रतीक हमारे बाबा शिबू सोरेन जी को शत्-शत् नमन”
दिवंगत शिबू सोरेन की संक्षिप्त जीवनी
झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके शिबू सोरेन को आदिवासियों का बहुत बड़ा नेता माना जाता है। वह दिशोम गुरु के नाम से भी जाने जाते हैं। उनका जन्म 11 जनवरी 1944 को तत्कालीन बिहार राज्य के रामगढ़ जिला के नेमरा गांव में हुआ था। वह संथाल जनजाति से थे। स्कूली शिक्षा के दौरान उनके पिता की हत्या कर दी गई थी।
18 साल की उम्र में उन्होंने संथाल नवयुवक संघ का गठन किया। 1972 में बंगाली मार्क्सवादी ट्रेड यूनियन नेता एके रॉय, बिनोद बिहारी महतो और शिबू सोरेन ने मिलकर झारखंड मुक्ति मोर्चा का गठन किया। सोरेन झामुमो के महासचिव बने। झामुमो ने जनजातीय भूमि को वापस पाने के लिए आंदोलन किए।
शिबू सोरेन पहले 2005 में 10 दिनों के लिए (2 मार्च से 12 मार्च तक), फिर 2008 से 2009 तक और फिर 2009 से 2010 तक झारखंड के मुख्यमंत्री रहे। सोरेन 1980 से 1984, 1989 से 1998 और 2002 से 2019 तक दुमका से लोकसभा सदस्य रहे। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में तीन बार कोयला मंत्री के रूप में भी कार्य किया। इसके अलावा वह राज्यसभा सांसद भी रहे। 4 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया।


