Thursday, May 28, 2026

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम में आदिवासियों और चाय बगान श्रमिकों की स्थिति पर जताई चिंता

रांची:  झारखंड के मुख्यमंत्री सह जेएमएम अध्यक्ष हेमंत सोरेन इन दिनों असम में हैं और 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान है। सोमवार को उन्होंने चाय बगान श्रमिकों का आवास देखा और कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि असम का यह चुनाव सामान्य चुनाव से बढ़कर है। यह पहचान, आवास, जमीन एवं अन्य अधिकारों के लिए संघर्ष की शुरुआत है। जिस ढंग के घरों में रहने को मेरे आदिवासी भाई-बहन रहने को विवश वह अक्षम्य है, यहां की सरकारों द्वारा किया गया अपराध है।

इसे भी पढ़ें : असम में मंत्री चमरा लिंडा संग चुनावी रणनीति में जुटे हैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, 18 सीटों पर पार्टी का दांव

असम के आदिवासियों को ठगने का काम

हेमंत सोरेन ने इस संबंध में अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट में लिखा, “अगर झारखंड तीन कमरे का आवास अपने गरीब लोगों को दे सकता है, 50 लाख महिलाओं को 2500 रु. प्रति महीना का सम्मान राशि दे सकता है तो असम में क्यों नहीं दिया जा सकता है? असम में सभी सरकारों ने बारी-बारी से असम के आदिवासियों को ठगने का काम किया है, उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखने का काम किया है। लेकिन अब और नहीं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को टिपलिंक टी एस्टेट, लेन नंबर-सात में आयोजित दुलियाजान विधानसभा प्रत्याशी पीटर मिंज के समर्थन में लोगों से वोट की अपील की। मौके पर मुख्यमंत्री ने चाय बगान में काम कर रहे आदिवासी लोगों की समस्याओं को जाना एवं उनके घरों का मुआयना किया। लोगों की घरों की दयनीय स्थिति देखकर मुख्यमंत्री ने चिंता जाहिर की।

एयर नाउ स्पेशल

तमिलनाडु, केरल और बंगाल में सत्ता संभालते ही अलग...

न्यूज डेस्क: देश के कई राज्यों में नई सरकारों ने सत्ता संभालने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर खुद को अलग दिखाने की...
- Advertisement -spot_img
App Logo

Download Our App

Download Now ➥

ट्रेंडिंग खबर