Saturday, October 31, 2026

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड में ‘गुरुजी आपातकालीन सेवा-1944’ को शीघ्र लागू करने का दिया निर्देश

रांची : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सोमवार को परिवहन विभाग तथा राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय कार्यप्रणाली, योजनाओं की अद्यतन प्रगति एवं लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आमजन को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि सभी विभाग अपनी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने हेतु तकनीक का व्यापक उपयोग करें।

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भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण 

राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में भूमि अभिलेखों के व्यापक एवं चरणबद्ध डिजिटलीकरण को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने पर आम नागरिकों को भूमि क्रय से पूर्व संबंधित भूमि की स्थिति के संबंध में संपूर्ण एवं अद्यतन जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर सहज रूप से उपलब्ध हो सकेगी। नागरिक यह जान सकेंगे कि संबंधित भूमि सरकार द्वारा अधिग्रहण/अर्जन की प्रक्रिया में है, अधिग्रहित की जा चुकी है अथवा पूर्णतः मुक्त है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से रैयतों एवं आमजनों को पारदर्शी और विश्वसनीय जानकारी प्राप्त होगी, जिससे भूमि क्रय-विक्रय से संबंधित अनिश्चितता एवं विवादों में उल्लेखनीय कमी आएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि भूमि संबंधी सभी महत्वपूर्ण अभिलेखों को डिजिटलीकृत कर उन्हें एकीकृत पोर्टल से जोड़ा जाए, ताकि किसी भी स्तर पर सूचना के अभाव या विसंगति की स्थिति उत्पन्न न हो। बैठक में विभागीय मंत्री दीपक बिरुआ, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव राजीव रंजन सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से हस्तांतरण

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने अधिग्रहित भूमि के संबंधित विभागों अथवा उपयोगकर्ता एजेंसियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से हस्तांतरण की प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और भूमि से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक सुगम एवं प्रभावी बनेंगी।

खासमहल भूमि का लीज नवीनीकरण

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने खासमहल भूमि से संबंधित लीज नवीनीकरण, लीज हस्तांतरण तथा भूमि के प्रयोजन परिवर्तन (चेंज ऑफ लैंड यूज़) की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में जटिलताओं के कारण आमजनों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिसे दूर करना आवश्यक है। इस दिशा में सभी प्रक्रियाओं का मानकीकरण करते हुए उन्हें ऑनलाइन एवं ट्रैकिंग-आधारित प्रणाली से जोड़ने पर भी बल दिया गया, ताकि आवेदनों की स्थिति की निगरानी सुगमता से की जा सके।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि खासमहल अंतर्गत सभी लीजधारकों का व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण एवं मैपिंग कराया जाए, जिससे प्रत्येक लीजधारक का अद्यतन डाटाबेस तैयार हो सके। इसके साथ ही, सभी लीज से संबंधित दस्तावेजों का पुनः सत्यापन (री-वेरिफिकेशन) सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी प्रकार की विसंगति, फर्जीवाड़ा या अभिलेखीय त्रुटियों को समय रहते चिन्हित कर सुधारा जा सके। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया भविष्य में भूमि प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और विश्वसनीय बनाएगी।

पंचायत स्तर पर ड्राइविंग लाइसेंस कैंप

परिवहन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर ड्राइविंग लाइसेंस निर्गत करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलावार मैपिंग, रूट चार्ट निर्माण एवं सड़क नेटवर्क के विकास पर जोर दिया गया।

रांची स्मार्ट सिटी में विकसित किए जा रहे ट्रैफिक पार्क के प्रजेंटेशन का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह पार्क आमजन, विशेषकर बच्चों और युवाओं को मनोरंजन के माध्यम से यातायात नियमों, संकेतों एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइवर ट्रेनिंग एंड रिसर्च

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने जमशेदपुर में स्थापित किए जा रहे इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइवर ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि इस संस्थान के माध्यम से व्यावसायिक एवं प्रशिक्षित चालकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता तथा प्रशिक्षुओं के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण की व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर बल दिया।

इसी क्रम में धनबाद में विकसित किए जा रहे वाहन निरीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र (Inspection & Certification Centre) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस केंद्र को अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित किया जाए, ताकि वाहनों की फिटनेस जांच पारदर्शी, सटीक एवं मानकीकृत तरीके से की जा सके। उन्होंने कहा कि इससे प्रदूषण नियंत्रण, सड़क सुरक्षा तथा वाहन मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

राज्य सड़क सुरक्षा परिषद

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सड़क सुरक्षा परिषद एवं जिला सड़क सुरक्षा समितियों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए इन संस्थाओं की भूमिका को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाया जाए। साथ ही, जनजागरूकता अभियान, दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान एवं सुधार तथा नियमों के सख्त अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने ‘गुड सेमेरिटन योजना’ एवं ‘हिट एंड रन मुआवजा योजना’ की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित सहायता एवं राहत प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इनके प्रति जागरूक हों और समय पर लाभ प्राप्त कर सकें।

‘गुरुजी आपातकालीन सेवा योजना-1944’

इस अवसर पर अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि ‘गुरुजी आपातकालीन सेवा योजना-1944’ प्रारंभ करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पहल को शीघ्र धरातल पर उतारने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

वाहन परीक्षण एवं स्क्रैपिंग व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकारी परिसरों में खड़ी अनुपयोगी वाहनों के निस्तारण हेतु एक ठोस मॉडल विकसित किया जाए, जिससे राजस्व सृजन हो सके। उन्होंने वाहनों का श्रेणीवार वर्गीकरण, प्रत्येक विभाग में वाहनों की उपयोगिता का आकलन तथा नीलामी की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, खराब एवं पुलिस मामलों से संबंधित वाहनों के निपटान हेतु कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ठोस रणनीति बनाने को कहा, ताकि थाना परिसरों की साफ-सफाई सुनिश्चित हो सके।

एयर नाऊ स्पेशल

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