Thursday, July 23, 2026

लालू, तेजस्वी, राबड़ूी समेत अन्य पर ‘लैंड फॉर जॉब’ मामले में 4 दिसंबर को कोर्ट तय होगा आरोप

नई दिल्ली : नई दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट में सोमवार को बहुचर्चित लैंड फॉर जॉब मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने आरोप तय करने के आदेश को फिलहाल टाल दिया और अब अगली सुनवाई 4 दिसंबर को निर्धारित की है। यह मामला देशभर में चर्चा में है क्योंकि इसमें पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राज्यसभा सांसद मीसा भारती, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और हेमा यादव समेत कई अन्य आरोपी शामिल हैं।

अदालत में क्या हुआ?

सोमवार को जैसे ही सुनवाई शुरू हुई, सभी आरोपी अपने वकीलों के साथ अदालत में पेश हुए। अदालत को इस मामले में आरोप तय करने थे, लेकिन सुनवाई के दौरान कुछ तकनीकी कारणों और दस्तावेजों की समीक्षा के चलते फैसला टाल दिया गया। अब अदालत 4 दिसंबर को यह तय करेगी कि किन आरोपियों पर औपचारिक रूप से आरोप तय किए जाएंगे। यदि अदालत आरोप तय करती है, तो इस केस में ट्रायल प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। वहीं, अगर आरोपों को पर्याप्त आधार नहीं माना गया, तो कुछ आरोपियों को राहत भी मिल सकती है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला साल 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। CBI का आरोप है कि उस अवधि में रेलवे में ग्रुप-डी नौकरियों के बदले उम्मीदवारों से जमीन ली गई थी। ये जमीनें बहुत कम कीमत पर लालू प्रसाद यादव के परिवार या उनके करीबी लोगों के नाम पर ट्रांसफर करवाई गईं। जांच एजेंसी के अनुसार, उम्मीदवारों से ली गई जमीनें पटना और उसके आसपास के इलाकों में थीं, जिनकी बाजार कीमत लाखों रुपये में थी, लेकिन उन्हें औपचारिक रूप से बहुत मामूली रकम पर खरीदा गया।

CBI ने इस मामले में लालू यादव और उनके परिवार के सदस्यों पर भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए हैं। अगस्त 2024 में अदालत में इस मामले की दोनों पक्षों की दलीलें पूरी हो चुकी थीं, जिसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को इस पर आदेश आने की उम्मीद थी, लेकिन अदालत ने अब फैसला अगली तारीख तक टाल दिया है।

पहले भी लग चुके हैं आरोप

यह पहला मामला नहीं है जब लालू यादव और उनका परिवार कानूनी पेंच में फंसा हो। 13 अक्टूबर 2024 को इसी राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी घोटाला मामले में भी लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती पर आरोप तय किए थे। उस मामले में भी CBI ने आरोप लगाया था कि रेलवे के होटलों के अनुबंध देने में अनियमितता हुई और इसके बदले आर्थिक लाभ लिया गया। अदालत ने उस केस में IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120B (आपराधिक साजिश) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) और 13(1)(डी) के तहत आरोप तय किए थे।

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अदालत में अगली सुनवाई पर टिकी निगाहें

अब लैंड फॉर जॉब केस में अगली सुनवाई 4 दिसंबर को होगी। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुनवाई बेहद अहम होगी, क्योंकि इसी दिन अदालत यह तय करेगी कि इस केस में ट्रायल शुरू होगा या नहीं। अगर आरोप तय हो जाते हैं, तो आने वाले महीनों में CBI गवाहों के बयान और सबूत अदालत में पेश करेगी।

राजनीतिक हलचल तेज

इस मामले के कारण बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में फिर से हलचल बढ़ गई है। राजद (RJD) समर्थकों का कहना है कि यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई है, जबकि विपक्षी दल भाजपा का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में न्याय होना जरूरी है, चाहे आरोपी कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो।

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एयर नाऊ स्पेशल

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