बोकारो: अगर आप भी बिना जांचे-परखे सोशल मीडिया पर बच्चा चोर से जुड़ी कोई पोस्ट शेयर कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। आपकी एक क्लिक आपको जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है। बोकारो जिले में पिछले कुछ दिनों से फैली बच्चा चोरी की झूठी अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने अब डिजिटल स्ट्राइक की तैयारी कर ली है। जिला पुलिस ने ऐसे 300 सोशल मीडिया अकाउंट्स को चिह्नित किया है, जो अपने भ्रामक पोस्ट्स के जरिए समाज में डर और भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं।
Highlights:
किसे और क्यूँ किया गया चिन्हित?
पुलिस की साइबर सेल और तकनीकी टीम ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर सक्रिय उन हैंडलर्स की पहचान की है, जो बोकारो के स्थानीय इलाकों से संचालित हो रहे हैं। दरअसल पिछले कुछ समय से जिले में छोटी-मोटी घटनाओं या संदिग्ध दिखने वाले किसी भी व्यक्ति का वीडियो बनाकर उसे बच्चा चोर के भड़काऊ कैप्शन के साथ परोसा जा रहा था। शुक्रवार को भी जिले में हुई तीन अलग-अलग सामान्य घटनाओं को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जिससे आम जनता के बीच असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया। इसी के मद्देनजर पुलिस ने ये कदम उठाया है टकी आने वाली समय में ऐसे भ्रम फैलाने वालों से निजात मिल सके।
आईटी एक्ट के तहत नपेंगे इन्फ्लुएंसर्स
बोकारो पुलिस ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि चंद लाइक्स और व्यूज के लिए सामाजिक शांति से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही जिन अकाउंट्स से भ्रामक वीडियो पोस्ट किए गए हैं, उन्हें तुरंत हटाने का निर्देश दिया गया है। वीडियो न हटाने की सूरत में संबंधित संचालकों के खिलाफ आईटी एक्ट (IT Act) और अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। फिलहाल जिला प्रशासन की विशेष टीम 24 घंटे सोशल मीडिया के हर ट्रेंड पर नजर रख रही है।
कानून हाथ में न लें- पुलिस
अफवाहों के कारण कई बार बेकसूर लोगों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आती हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने जनता से अपील करते हुआ कहा कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर जानकारी सच नहीं होती। बिना पुष्टि के कोई भी संदेश फॉरवर्ड न करें। यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध लगे, तो खुद सजा देने के बजाय तुरंत डायल 112 पर कॉल करें या नजदीकी थाना को सूचित करें। इसके साथ ही किसी भी तरह के भ्रामक पोस्ट करने वाले ग्रुप या व्यक्ति की सूचना पुलिस को दें।


