रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से इन दिनों राज्य के अलग अलग जिलों में विभिन्न परीक्षा केंद्रों में आयोजित हो रहे सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्रों में पाई गई गंभीर गलतियों का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया के माध्यम से दावा किया है कि एसीएफ मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र में 100 से अधिक गलतियां पाई गई है। उन्होंने कहा कि कई संवैधानिक शब्दों को गलत लिखा गया और झारखंड के महापुरुषों के नामों में भी त्रुटियां पाई गई हैं।
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परीक्षार्थियों को भारी परेशानी
मरांडी ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में गलतियों के कारण परीक्षार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने इसे अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ किया गया गंभीर मजाक बताया और कहा कि ऐसी लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि जब पहले से ही सीटों का सौदा कर लिया जाता है, तो परीक्षाएं केवल औपचारिकता बनकर रह जाती हैं। उन्होंने जेपीएससी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग
उन्होंने कहा कि जेपीएससी जैसी महत्वपूर्ण संस्था की विश्वसनीयता को जानबूझकर खत्म किया जा रहा है। मरांडी के अनुसार, भ्रष्ट अधिकारियों को अध्यक्ष और पार्टी कार्यकर्ताओं को सदस्य बनाकर आयोग का राजनीतिकरण किया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने जेपीएससी अध्यक्ष को तुरंत पद से हटाने और पूरे मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी अपील की है। मरांडी ने कहा कि जेपीएससी से चयनित अधिकारी राज्य की नीतियों और भविष्य को प्रभावित करते हैं। ऐसे में त्रुटिपूर्ण परीक्षा प्रणाली से चयनित अधिकारियों की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।


