रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SAR) प्रक्रिया को लेकर सियासत तेज हो गई है। INDIA गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में लिखित शिकायत भी सौंपी।
जेएमएम महासचिव विनोद पांडेय ने आरोप लगाया कि कई बूथों पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता फॉर्म-7 के माध्यम से मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन की मांग है कि कोई पात्र मतदाता सूची से न छूटे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।
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विनोद पांडेय ने एक मामले का हवाला देते हुए कहा कि एक प्रखंड में चुनाव के दौरान इस्तेमाल होने वाले भाजपा के थैले में फॉर्म-7 के 259 आवेदन पाए गए। आरोप है कि इन आवेदनों को स्वीकृत करने के लिए BLO पर दबाव बनाया जा रहा था। इसकी जानकारी मिलने के बाद JMM कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने विरोध किया। उन्होंने दावा किया कि मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए केस भी दर्ज हुआ है और जांच जारी है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की शिकायतें केवल एक इलाके तक सीमित नहीं हैं। गठबंधन ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के सामने पूरे मामले को रखा है और मांग की है कि प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच हो। JMM महासचिव ने बताया कि वह जल्द ही साहिबगंज, राजमहल समेत कई जिलों का दौरा करेंगे। संबंधित जिलों के उपायुक्तों से भी इस विषय पर बातचीत की गई है।
उन्होंने कहा कि JMM और INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों के कार्यकर्ता प्रत्येक बूथ पर मतदाता सूची की प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन या BLO पर दबाव डालने जैसी स्थिति सामने आती है, तो गठबंधन कानूनी रास्ता अपनाएगा। विनोद पांडेय ने स्पष्ट किया कि शिकायत किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि मतदाता सूची की प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए की गई है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि योग्य मतदाताओं का नाम न छूटे और गलत तरीके से किसी का नाम न हटाया जाए।

