राँची: सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका एक चौंकाने वाला खुलासा प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया कार्रवाई में हुआ है। कोयला ढुलाई के नाम पर अवैध वसूली और फिर उस काली कमाई को परिवार के सदस्यों के बैंक खातों के जरिए सफेद करने के मामले में ED ने रांची की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट ने सीसीएल के सुरक्षा विभाग से लेकर निजी ट्रांसपोर्टरों के बीच चल रहे नेक्सस की पोल खोल दी है।
Highlights:
इन चार लोगों पर कसा ED का शिकंजा
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जिन लोगों को आरोपी बनाया है, उनमें शामिल हैं:
- संजीव कुमार सिंह: सहायक सुरक्षा उप निरीक्षक, CCL (मुख्य आरोपी)
- पूनम देवी: संजीव कुमार सिंह की पत्नी
- गोपाल कुमार: संजीव कुमार सिंह का भाई
- राहुल कुमार: निजी ट्रांसपोर्टर (रिश्वत देने वाला)
कैसे चलता था कमीशन का खेल?
जांच में सामने आया कि संजीव कुमार सिंह ने अपने पद का रसूख दिखाकर कोयला ढुलाई में सहूलियत देने के नाम पर वसूली का बाजार सजा रखा था। आरोप है कि ट्रांसपोर्टर राहुल कुमार ने कोयला परिवहन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए संजीव को 5 लाख रुपये दिए। संजीव ने खुद पकड़े जाने के डर से रिश्वत की यह रकम सीधे अपनी पत्नी पूनम देवी के बैंक खाते में जमा कराई। जांच में पूनम के खाते में 4.46 लाख रुपये की और भी संदिग्ध राशि मिली, जिसका परिवार के पास कोई हिसाब नहीं था।
भाई के जरिए पैसों की लॉन्ड्रिंग
ईडी की तफ्तीश में पैसों को घुमाने का दिलचस्प तरीका सामने आया है। पत्नी के खाते में पैसे आने के बाद, उसमें से 4 लाख रुपये संजीव के भाई गोपाल कुमार के खाते में ट्रांसफर किए गए। गोपाल ने इस अवैध धन का इस्तेमाल अपने निजी शौक पूरा करने, दोस्तों को पैसे बांटने और अपने वाहन लोन की किस्तें भरने में किया। जिसके बाद कुछ ही दिनों में इस रकम को नकद निकासी के जरिए ठिकाने लगा दिया गया।
CBI की FIR से ED की चार्जशीट तक
यह मामला सबसे पहले CBI की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने दर्ज किया था। भ्रष्टाचार की सबूत मिलते ही ED ने इसमें ECIR दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान ED ने आरोपियों के बैंक खातों से कुल 9.46 लाख रुपये अस्थायी रूप से जब्त कर लिए हैं। फिलहाल मामला अदालत के विचाराधीन है, लेकिन ED की इस चार्जशीट ने सीसीएल के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। अब सबकी निगाहें कोर्ट के अगले कदम पर टिकी हैं।


