Saturday, October 31, 2026

बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख JSSC के प्रभारी अध्यक्ष प्रशांत कुमार को परीक्षा सुधार समिति से हटाने की मांग की

रांची: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर परीक्षा सुधार समिति से JSSC के प्रभारी अध्यक्ष प्रशांत कुमार को तत्काल हटाने एवं उनकी भूमिका की स्वतंत्र जाँच कराने की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि सुधार समिति व्यवस्था को शुद्ध करने के लिए बनाई गई है, संदिग्ध भूमिका वाले अधिकारियों को संरक्षण देने के लिए नहीं। यदि सरकार वास्तव में पारदर्शिता चाहती है, तो उसे सबसे पहले इस घोर विरोधाभासी निर्णय को वापस लेकर स्वच्छ, पारदर्शी एवं ईमानदार सदस्यों को शामिल करनी चाहिए।

इसे भी पढ़ें : डुमरी विधायक जयराम महतो के समर्थन में उतरे बाबूलाल मरांडी, बोले – “क्या मर्यादा सिर्फ जनप्रतिनिधियों के लिए है”

पत्र को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें : Letter. (1)

माननीय मुख्यमंत्री,
विषय:- परीक्षा सुधार समिति से JSSC के प्रभारी अध्यक्ष श्री प्रशांत कुमार को तत्काल हटाने एवं उनकी भूमिका की स्वतंत्र जाँच कराने के संबंध में।
झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के बाद सरकार द्वारा परीक्षा सुधार समिति का गठन किया गया है। किंतु यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है कि फरवरी 2024 से JSSC के अध्यक्ष पद पर आसीन वित्त सचिव श्री प्रशांत कुमार को ही इस समिति में शामिल कर दिया गया है।
सितंबर 2024 की विवादित JSSC-CGL परीक्षा उनके ही कार्यकाल में आयोजित हुई। परीक्षा रद्द करनी पड़ी, JSSC कार्यालय में छापेमारी हुई, आयोग के सचिव से पूछताछ हुई और पूरी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा। ऐसे में जिस अधिकारी के कार्यकाल और प्रशासनिक भूमिका की स्वतंत्र निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए, उसे ही व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी देना स्पष्ट रूप से हितों का टकराव है।
प्रशांत कुमार के प्रशासनिक आचरण और कार्यशैली को लेकर पहले भी गंभीर सवाल उठते रहे हैं। वित्त सचिव रहते हुए राज्य के खातों में हजारों करोड़ रुपये के अंतर पर विभाग द्वारा स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया। जल संसाधन विभाग से जुड़े एक मामले में माननीय झारखंड उच्च न्यायालय ने अदालत को गुमराह करने और आदेश का पालन नहीं करने पर उन पर जुर्माना भी लगाया था।
इसके बावजूद उन्हें परीक्षा सुधार समिति में रखना सरकार की मंशा को संदेहास्पद बनाता है। यह निर्णय इतना स्पष्ट रूप से अनुचित है कि इसे देखने के लिए आँखों की भी आवश्यकता नहीं है। जिस अधिकारी की जवाबदेही तय होनी चाहिए, उसी को सुधारक बनाना ठीक वैसा ही है जैसे दूध की रखवाली बिल्ली को सौंप देना।
अतः आपसे मांग है कि:-
1. JSSC-CGL परीक्षा में गड़बड़ी करने के आरोप में प्रभारी अध्यक्ष श्री प्रशांत कुमार एवं JSSC सचिव सुधीर गुप्ता को तत्काल हटाते हुए गिरफ्तार कर इनके कार्यकाल की स्वतंत्र एजेन्सी से जाँच कराई जाय।
2. श्री प्रशांत कुमार को परीक्षा सुधार समिति से तत्काल हटाया जाए।
3. JSSC-CGL से संबंधित एजेंसी चयन, प्रश्नपत्र सुरक्षा, परीक्षा संचालन, परिणाम प्रक्रिया तथा सभी प्रशासनिक अनुमोदनों में उनकी भूमिका की जाँच की जाए।
4. समिति में निष्पक्ष न्यायिक, तकनीकी एवं शैक्षणिक विशेषज्ञों के साथ छात्र प्रतिनिधियों को स्थान दिया जाए।
5. JPSC-JSSC भर्ती अनियमितताओं की जाँच CBI को सौंपकर छात्रों का विश्वास बहाल किया जाए।
सुधार समिति व्यवस्था को शुद्ध करने के लिए बनाई गई है, संदिग्ध भूमिका वाले अधिकारियों को संरक्षण देने के लिए नहीं। यदि सरकार वास्तव में पारदर्शिता चाहती है, तो उसे सबसे पहले इस घोर विरोधाभासी निर्णय को वापस लेकर स्वच्छ, पारदर्शी एवं ईमानदार सदस्यों को शामिल किया जाय।
संलग्नक:- परीक्षा सुधार समिति की अधिसूचना प्रति।
सधन्यवाद!
(बाबूलाल मरांडी)

एयर नाऊ स्पेशल

Radhakrishna Kishore Podcast: राजनीति में आने की वजह से...

Radhakrishna Kishore Podcast: झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर अपने बेबाक अंदाज और साफगोई के लिए जाने जाते हैं। एयरनाऊ के खास पॉडकास्ट...
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe

ट्रेंडिंग ख़बर