Thursday, July 23, 2026

झारखंड में धान खरीद में किसानों को लूट रही राज्य सरकार : बाबूलाल मरांडी

रांची: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज राज्य में सरकारी स्तर पर धान खरीदी में हो रहे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन देश विदेश का दौरा करते हैं और बोलते हैं कि उनकी सरकार गांव से चलती है। लेकिन सच्चाई क्या है।गांव का रीढ़ किसान आज परेशान है,लाचार और विवश है।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सरकार ने विधानसभा चुनाव में 3200 रूपये एमएसपी पर धान खरीद का वादा किया। लेकिन बाद में 2400 रुपए की घोषणा कर दी जिसमें 2300 रुपया तो केंद्र सरकार से ही अनुदान मिलता है। राज्य सरकार की भागीदारी केवल 100 रुपए है। हेमंत सरकार इस 2400 रुपए में भी लूटने का रास्ता बना दिया।

19.80 लाख क्विंटल धान की खरीद

उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने इस वर्ष 60 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया लेकिन दो महीना से ज्यादा बीत जाने के बाद भी अब तक 19 लाख 80 हजार 216 क्विंटल धान ही किसानों से खरीदे गए है। राज्य में 2 लाख 79 हजार किसान पंजीकृत हैं लेकिन मात्र 35,547 किसानों से ही धान खरीदे गए हैं। मतलब साफ है किसानों से खरीदारी करने की मंशा नहीं है। गोदाम भरे होने का बहाना किया जा रहा।मार्च तक धान खरीद की बात कही जा रही।लेकिन सवाल उठता है कि झारखंड की सीमांत किसान आखिर कैसे धान रख पाएंगे।उन्हें पैसे की जरूरत होती है।

बिचौलियों को धान बेचने को किसान मजबूर

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार के इशारे पर पदाधिकारी भी ऐसी ही भाषा बोल रहे। राज्य सरकार बिचौलियों व दलालों को धान बेचने के लिए किसानों को मजबूर कर रही। किसान 1500 रूपये क्विंटल धान बेचेंगे और सरकार बिचौलियों से धान खरीद कर लक्ष्य पूरा करने का दिखावा करेगी। इसके कारण निर्धारित दर का लाभ बिचौलियों के खाते में जाएगा जिससे मुख्यमंत्री की भी तिजोरी भरी जाएगी।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में इस तरह का बड़े पैमाने पर सिंडिकेट सक्रिय है। हेमंत सरकार इनसे किसानों को लुटवाने में लगी है। उन्होंने कहा कि गुमला जिला में इस संबंध उजागर मामले को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री को बताया,सदन में भी मामला को उठाया। कैसे फर्जी किसान बनाए जा रहे लेकिन सरकार कार्रवाई की जगह मौन साधे बैठी है। प्रेसवार्ता में प्रदेश मंत्री सरोज सिंह और मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक भी उपस्थित थे।

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एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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