बिहार : बिहार विधानसभा चुनाव के बीच सासाराम सीट से राजद (RJD) प्रत्याशी सत्येंद्र साह की गिरफ्तारी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। सूत्रों के मुताबिक, सत्येंद्र साह मंगलवार को सासाराम अनुमंडल कार्यालय में अपना नामांकन दाखिल कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने प्रक्रिया पूरी की, झारखंड पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
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2004 के पुराने डकैती मामले में जारी था स्थायी वारंट
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सत्येंद्र साह की गिरफ्तारी झारखंड के गढ़वा थाना क्षेत्र में वर्ष 2004 में दर्ज डकैती के एक पुराने मामले के सिलसिले में की गई है। इस मामले में उनके खिलाफ अदालत से स्थायी वारंट जारी था। जैसे ही नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हुई, मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने वारंट दिखाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी से राजनीतिक माहौल गर्माया
सत्येंद्र साह की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही सासाराम की राजनीति में हड़कंप मच गया। राजद कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया और आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान जानबूझकर पार्टी के प्रत्याशी को निशाना बनाया जा रहा है। राजद नेताओं का कहना है कि यह कदम चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा कि गिरफ्तारी अदालत के आदेश पर की गई है और इसका चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है।
पहले कांग्रेस (जे) से लड़ चुके हैं चुनाव
जानकारी के अनुसार, सत्येंद्र साह करगहर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और उनके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2010 में उन्होंने कांग्रेस (जे) के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। उनकी पत्नी भी कुछ वर्ष पहले सासाराम नगर निगम से मेयर पद की उम्मीदवार रह चुकी हैं।
RJD ने सिटिंग विधायक का टिकट काटकर दिया था मौका
इस बार राजद ने सिटिंग विधायक राजेश गुप्ता का टिकट काटकर सत्येंद्र साह पर भरोसा जताया था। नामांकन के दौरान भारी पुलिस सुरक्षा के बीच उनकी गिरफ्तारी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।


