लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े दोहरी नागरिकता मामले में बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने उनके खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच CBI को सौंपने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से वकील ने इस मामले की जांच CBI से कराने की मांग की। कोर्ट ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि पहले FIR दर्ज की जाए और फिर मामले को CBI को ट्रांसफर किया जाए। इस मामले में केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने भी अपना पक्ष रखा। कोर्ट के निर्देश पर फॉरेनर्स डिवीजन ने मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और फाइलें पेश कीं, जिन पर सुनवाई के दौरान विचार किया गया।
Highlights:
याचिकाकर्ता का दावा
याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने कोर्ट में दावा किया कि उन्होंने ऐसे दस्तावेज पेश किए हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि राहुल गांधी यूनाइटेड किंगडम में मतदाता रहे हैं। उनके अनुसार, इससे जुड़े चुनावी रिकॉर्ड भी मौजूद हैं। याचिका में राहुल गांधी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923, पासपोर्ट एक्ट 1967 और फॉरेनर्स एक्ट 1946 के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ता ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकता से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
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मामले की पृष्ठभूमि
यह याचिका 28 जनवरी 2026 को स्पेशल MP-MLA कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के खिलाफ दाखिल की गई थी। निचली अदालत ने रायबरेली के कोतवाली थाने को FIR दर्ज करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया था, जिसे अब हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब संबंधित थाने में FIR दर्ज की जाएगी और इसके बाद मामले की जांच CBI को सौंपी जाएगी। इस फैसले से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज होने की संभावना है।


