भोपाल: महिला आरक्षण संशोधन बिल लोकसभा में पास नहीं होने के विरोध में मध्य प्रदेश बीजेपी ने भोपाल में जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा में मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल हुईं और विपक्ष के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह पदयात्रा भोपाल के एमवीएम कॉलेज ग्राउंड से शुरू होकर लोक भवन होते हुए रोशनपुरा चौराहे तक निकाली गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला मोर्चा की कार्यकर्ता और बीजेपी नेता शामिल हुए। समापन के दौरान काले गुब्बारे उड़ाकर विरोध दर्ज कराया गया।
Highlights:
सीएम का विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नारी अपना अपमान कभी नहीं भूलती और महिलाओं के अधिकार से जुड़े बिल का विरोध कर विपक्ष ने गलत संदेश दिया है। उन्होंने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर निंदा प्रस्ताव लाने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने प्रियंका गांधी और राहुल गांधी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाले नेता इस मुद्दे पर चुप क्यों रहे।
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प्रदेश अध्यक्ष का आह्वान
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने महिलाओं से आक्रोश जताने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं से सवाल पूछा जाना चाहिए कि महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने का अधिकार उन्हें किसने दिया। बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी परांजपे ने कहा कि संसद में महिला सशक्तिकरण से जुड़े कानून का विरोध करना महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि महिलाएं इसका जवाब देंगी और अब संघर्ष का समय है।
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अन्य नेताओं ने भी जताया विरोध
पंचायत राज्यमंत्री राधा सिंह, मंत्री प्रतिमा बागरी और सांसद लता वानखेड़े समेत कई नेताओं ने इस मुद्दे पर विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण कदम था। नेताओं ने कहा कि यह बिल पंचायत से संसद तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का माध्यम था। बीजेपी ने इसे महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताते हुए विरोध प्रदर्शन को और तेज करने के संकेत दिए हैं। इस पदयात्रा के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में महिला आरक्षण का मुद्दा और गरमा गया है। आने वाले दिनों में इस पर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना है।


