राँची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के कड़े निर्देशों और राज्य सरकार की त्वरित संवेदनशीलता के फलस्वरूप, तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में हुए अमोनिया गैस रिसाव हादसे से बचाए गए झारखण्ड के सभी 42 प्रवासी श्रमिक सकुशल और सुरक्षित अपने-अपने घर पहुँच गए हैं।
Highlights:
मुख्यमंत्री के आदेश पर श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग तथा राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष द्वारा चलाए गए सघन रेस्क्यू व राहत अभियान के बाद इन सभी श्रमिकों की गृह राज्य और उनके पैतृक गांवों तक सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई।
इसे भी पढ़ें: 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली में झारखंड सरकार का ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन’, जुटेंगे देश-विदेश के उद्योगपति
श्रमिकों की सुरक्षित घर वापसी
तमिलनाडु के सेंट पीटर्स एंड पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स फैसिलिटी में 21 जून 2026 को हुई दुःखद औद्योगिक दुर्घटना के बाद, झारखण्ड सरकार के विशेष अनुरोध पर रेलवे प्रशासन द्वारा अलप्पुझा–धनबाद एक्सप्रेस में एक विशेष स्लीपर कोच की व्यवस्था की गई थी।
चेन्नई सेंट्रल से रवाना होकर सभी 42 श्रमिक सकुशल झारखण्ड पहुँचे, जहाँ से वे प्रशासन के सहयोग से अपने-अपने गृह जिलों और घरों के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान श्रमिकों के लिए भोजन, पानी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। अपने परिवार के बीच सुरक्षित पहुँचने पर श्रमिकों ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और राज्य सरकार का सहृदय आभार व्यक्त किया।




