रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को एक बार फिर से रांची में जेपीएससी जेएसएससी परीक्षाओं में धांधली मामले को लेकर आंदोलनरत छात्रों पर बयान दिया और कहा कि सरकार छात्रों से अन्याय नहीं होने देगी. उन्हें हर हाल में न्याय मिलेगा. मुख्यमंत्री ने पहले विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर मोराबादी में आयोजित कार्यक्रम में इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बातें रखीं, वहीं बाद में सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में भी छात्रों को एक खुला पत्र के जरिए भरोसा दिलाने की कोशिश की.
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मुख्यमंत्री का खुला पत्र
छात्रों की बात…..छात्रों के साथ
झारखंड के मेरे सभी युवा साथियों,
साथियों,
हम परीक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना चाहते हैं। लेकिन ऐसा केवल सरकार अकेले नहीं कर सकती। इस परिवर्तन के सबसे महत्वपूर्ण भागीदार आप हैं। इसी उद्देश्य से हमने “छात्रों की बात – छात्रों के साथ” अभियान प्रारंभ किया है।
मैं झारखंड के प्रत्येक जिले, प्रत्येक प्रखंड, प्रत्येक कॉलेज, विश्वविद्यालय, कोचिंग संस्थान और प्रत्येक छात्र-छात्राओं से आग्रह करता हूँ कि खुलकर अपने सुझाव दीजिए –
📌परीक्षा प्रणाली में क्या-क्या कमी दिखाई देती है, हमें बताइए।
📌यदि आपके पास कोई बेहतर व्यवस्था का सुझाव है, उसे साझा कीजिए।
📌यदि आपने किसी समस्या का सामना किया है, उसका अनुभव लिखिए।
📌यदि आपके पास कोई नया समाधान है, उसे हमारे साथ साझा कीजिए।
आपके प्रत्येक सुझाव का अध्ययन किया जाएगा। विशेषज्ञों द्वारा उनका परीक्षण किया जाएगा और जहाँ भी संभव होगा, उन्हें नियमों एवं संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप तय समय सीमा के अन्दर लागू करने का प्रयास किया जाएगा। क्योंकि यह केवल परीक्षा सुधार का विषय नहीं है। यह झारखंड के युवाओं के विश्वास का, लाखों परिवारों के सपनों का, राज्य के भविष्य का विषय है।
मैं आप सभी युवा साथियों से आग्रह करता हूँ कि इस जनभागीदारी अभियान का हिस्सा बनें और अपने सुझाव नीचे दिए गए पोर्टल पर अवश्य दर्ज करें— samvad.jharkhand.gov.in
आइए, हम सब मिलकर ऐसी परीक्षा व्यवस्था बनाएं जिस पर हर छात्र गर्व कर सके और भरोसा कर सके।
जोहार!
–हेमंत सोरेन,मुख्यमंत्री झारखण्ड


