Sunday, September 13, 2026

होटवार जेल में बंद VIP कैदियों का वीडियो वायरल होने के बाद जेलर का ट्रांसफर, लवकुश कुमार बने नये जेलर

झारखंड :  बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल, होटवार में लगातार हो रही घटनाओं के बीच एक और बड़ा कदम उठाया गया है। शराब और जीएसटी घोटाले के आरोपियों की डांस पार्टी का वीडियो वायरल होने के बाद अब नए असिस्टेंट जेलर दिनेश प्रसाद वर्मा को भी हटा दिया गया है। उन्हें रांची के होटवार जेल से ट्रांसफर कर धनबाद जेल भेज दिया गया है। जेल आईजी सुदर्शन प्रसाद मंडल ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किया। वहीं, गुमला मंडल कारा में तैनात लवकुश कुमार को अब होटवार जेल का नया असिस्टेंट जेलर बनाया गया है।

केवल 5 दिन में तबादला

दिनेश प्रसाद वर्मा को 5 दिन पहले ही असिस्टेंट जेलर के रूप में होटवार में पदस्थापित किया गया था। लेकिन अब उन्हें अचानक स्थानांतरित कर दिया गया। आदेश में कहा गया है कि यह तबादला कार्यहित में तत्काल प्रभाव से किया गया है।
हालांकि, यह सवाल उठ रहा है कि क्या वर्मा ने स्वयं तबादले की मांग की थी या फिर वायरल वीडियो और चल रही जांच के कारण उन पर कार्रवाई की गई।

वीडियो वायरल से शुरू हुआ मामला

5 नवंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें जेल के कुछ कैदी डांस पार्टी करते दिखाई दिए थे। इसके बाद जेल प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए असिस्टेंट जेलर देवनाथ राम और जमादार विनोद कुमार यादव को सस्पेंड कर दिया था। उनके हटने के बाद दिनेश वर्मा ने चार्ज संभाला था, लेकिन अब उन्हें भी ट्रांसफर कर दिया गया है।

जेल में अवैध कैंटीन संचालन के आरोप

इसी बीच, जेल के अंदर एनआईए बंदी प्रभु साहू पर गंभीर आरोप लगे हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश प्रभारी राजेश सिंह ने जेल आईजी को पत्र लिखकर शिकायत की है कि प्रभु साहू जेल में अवैध रूप से कैंटीन चला रहा है। आरोप है कि वह कैदियों से ज्यादा कीमत पर सामान बेच रहा है, जैसे प्याज ₹150 किलो और टमाटर ₹100 किलो और हर कैदी से खाने के नाम पर ₹7000 तक वसूल रहा है। इसके अलावा मोबाइल फोन की सप्लाई और अवैध वसूली के आरोप भी लगाए गए हैं।

लगातार हो रही कार्रवाई से कर्मियों में दहशत

पिछले कुछ हफ्तों में होटवार जेल में दो असिस्टेंट जेलर, एक जमादार और कई अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। एक जेलकर्मी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “ईमानदारी से ड्यूटी करने वाले कर्मियों पर भी कार्रवाई हो रही है। अगर कड़ाई करते हैं तो ट्रांसफर का डर रहता है, और अगर ढील देते हैं तो आरोप लग जाता है।”

क्या कड़ी कार्रवाई बन गई तबादले की वजह?

सूत्रों के अनुसार, दिनेश वर्मा ने कार्यभार संभालने के बाद जेल में कड़े कदम उठाए थे। उन्होंने वायरल वीडियो में दिखे कैदी को सेल में बंद किया और वीवीआईपी कैदियों को सामान्य वार्ड में भेज दिया। साथ ही कैंटीन की जांच भी शुरू कर दी थी। कयास लगाए जा रहे हैं कि उनकी सख्ती से जेल में “सुविधा पाने वाले” कैदियों में नाराजगी बढ़ी, जिसके बाद उनका ट्रांसफर कर दिया गया।

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पिछले कुछ महीनों से बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में एक के बाद एक विवाद सामने आ रहे हैं। लगातार हो रही कार्रवाइयों और तबादलों से यह सवाल उठ रहा है कि क्या जेल में वास्तव में सुधार हो रहा है या फिर दबाव में फैसले लिए जा रहे हैं।

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एयर नाऊ स्पेशल

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