रांची: 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर छात्र संगठन आईसा की ओर से शुक्रवार को विधानसभा घेराव किया गया. आईसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा वोरा के नेतृत्व में निकाले गए विधानसभा घेराव कार्यक्रम में नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की घटना हुई। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी हजारीबाग निवासी अमरनाथ पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है और उसे फिलहाल जगन्नाथपुर थाना में रखा गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी विनोबा भावे विश्वविद्यालय के बीए ऑनर्स का छात्र है।
Highlights:
इसे भी पढ़ें : आईसा अध्यक्ष नेहा बोरा पर फेंकी गई स्याही, रांची में आईसा के विधानसभा घेराव के दौरान हुई घटना
छात्रों की मांगों का समर्थन
विधानसभा घेराव कार्यक्रम के बाद आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में नेहा बोरा ने कहा कि विधानसभा मार्च का उद्देश्य जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनरत छात्रों की मांगों का समर्थन करना था। उन्होंने कहा कि आईसा 14वीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने, समय पर नई परीक्षा आयोजित कराने और परीक्षा का जिम्मा निजी एजेंसियों की बजाय सरकार द्वारा अपने संस्थानों के माध्यम से कराने की मांग का समर्थन करता है। नेहा बोरा ने कहा कि 10 अगस्त को छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा मार्च को आईसा का पूरा समर्थन रहेगा, हालांकि वह स्वयं उस मार्च में शामिल नहीं होंगी।
RSS से जुड़े होने का लगाया आरोप
नेहा बोरा ने दावा किया कि जांच में पता चला है कि स्याही फेंकने वाला व्यक्ति RSS से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्याही फेंकने के बाद आरोपी ने “जय श्री राम” के नारे भी लगाए। AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी छात्रों के आंदोलन से नाराज क्यों है, यह बड़ा सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से उनके ऊपर स्याही फेंकी गई। साथ ही उन्होंने कहा कि इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को स्पष्ट करना चाहिए कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जा रही है।


