Saturday, August 8, 2026

स्मृति शेष पिता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पद्मभूषण मिलने पर बेटे व सीएम हेमंत सोरेन का बेहद खास पोस्ट, कहा – वो भारत के रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे

रांची : सीएम हेमंत सोरेन ने अपने पिता व पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड आंदोलन के महानायक शिबू सोरेन को मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों मरणोपरांत पद्मभूषण से सम्मानित किए जाने पर अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में अपनी भावनाओं को साझा किया है. राष्ट्रपति के हाथों माँ रूपी सोरेन के सम्मान ग्रहण करने की तस्वीर के साथ साथ इस मौके पर राष्ट्रपति भवन के बाहर पूरे परिवार संग मां की ली गई तस्वीर को साझा करते हुए एक लंबा पोस्ट लिखा है.

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मां रूपी सोरेन ने सम्मान लिया

अपने पोस्ट में सीएम हेमंत सोरेन ने लिखा, “आज स्मृति शेष बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी को माननीय राष्ट्रपति आदरणीय श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा पद्म भूषण सम्मान से अलंकृत किया जाना उनके आजीवन संघर्ष, त्याग, जनसेवा और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण को दिया गया सम्मान है। बाबा के संघर्ष की साथी, आदरणीय माँ ने यह सम्मान ग्रहण किया।”

आगे उन्होंने लिखा, ” यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उन संघर्षों, मूल्यों और सपनों का सम्मान है, जिनके लिए विराट वृक्ष रूपी दिशोम गुरुजी जीवनभर अडिग होकर खड़े रहे। मैं स्मृति शेष दिशोम गुरुजी को यह सम्मान प्रदान किए जाने के लिए आदरणीय राष्ट्रपति जी एवं केंद्र सरकार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।”

झारखंड के हक-अधिकारों की लड़ाई

“जल, जंगल, जमीन, आदिवासी अस्मिता, सामाजिक न्याय और झारखंड के हक-अधिकारों की लड़ाई में दिशोम गुरुजी का नेतृत्व ऐतिहासिक, अद्वितीय और अविस्मरणीय रहा है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन वंचितों, शोषितों, आदिवासियों और मेहनतकश समाज के अधिकारों की लड़ाई को समर्पित किया।”

“जहां एक ओर, दिशोम गुरुजी झारखण्ड अलग राज्य के निर्माण के संघर्ष के साथ-साथ, अखिल भारत के राज्यों के आदिवासी, दलित, शोषित, पीड़ित के संघर्ष के प्रेरणाश्रोत बनें; वहीं दूसरी ओर वे सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण, शिक्षा की अलख जगाने और समाज को संगठित करने के कार्य में भी सदैव नेतृत्वकर्ता रहे।”

सम्मान का महत्व भावना में 

सीएम ने आगे लिखा, “हम मानते हैं कि पुरस्कार/सम्मान का महत्व उस भावना में होता है जिसके साथ वह दिया जाता है। बाबा को किसी ने महाजनी व्यवस्था के खिलाफ लड़ने वाला योद्धा कहा, किसी ने आदिवासियों और गरीबों के अधिकारों का प्रहरी। लेकिन हमारे लिए वे ऐसे जननायक हैं जिन्होंने सत्ता से अधिक जनता के दिलों में अपनी जगह बनाई।”

लोगों के हृदय में बाबा का स्थान सर्वोच्च

उन्होंने लिखा, “आज देश ने पद्म भूषण सम्मान से स्मृति शेष बाबा दिशोम गुरुजी के महान योगदान को नमन किया है, किंतु झारखंड सहित देशभर के करोड़ों लोगों के हृदय में बाबा को जो स्थान प्राप्त है, वह सदैव सर्वोच्च रहा है। हमारे लिए दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी भारत के रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे। स्मृति शेष दिशोम गुरु शिबू सोरेन अमर रहें!जय झारखंड!”

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