झारखंड : रांची के झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप)-1 परिसर स्थित परेड मैदान में मंगलवार को पुलिस संस्मरण दिवस परेड का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों की पुलिस और पारा मिलिट्री फोर्सेज के उन शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी।
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वरिष्ठ अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में डीजीपी अनुराग गुप्ता, डीजी प्रशांत सिंह, आईजी मनोज कौशिक, आईजी प्रभात कुमार, एवी होमकर, डीआईजी सुरेंद्र कुमार झा और रांची एसएसपी राकेश रंजन समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
सभी अधिकारियों ने जैप-1 वाहिनी परिसर स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर शहीदों को नमन किया।
191 वीर जवानों ने दी देश के लिए शहादत
इस वर्ष देशभर में पुलिस और पारा मिलिट्री बलों के कुल 191 पदाधिकारी और जवान ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए। इनमें झारखंड पुलिस के आरक्षी सुनील धान का नाम भी शामिल है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान न्योछावर कर दी।
आईईडी ब्लास्ट में वीरगति को प्राप्त हुए आरक्षी सुनील धान
आरक्षी सुनील धान, चाईबासा के छोटानागरा थाना क्षेत्र के रातामाटी गांव के रहने वाले थे।
वे 12 अप्रैल को जिला बल, कोबरा 203, सीआरपीएफ, और झारखंड जगुआर की टीम के साथ संयुक्त छापेमारी अभियान में शामिल थे। इस दौरान भाकपा माओवादी (CPI-Maoist) उग्रवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी ब्लास्ट में वे शहीद हो गए।
शहीद स्मारक पर भावनात्मक माहौल
कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण भावुक और गर्व से भरा हुआ था। शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई और राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई।
देश की सुरक्षा में बलिदान अमर रहेगा
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों का बलिदान देश की सुरक्षा और शांति की नींव है।
उनकी शहादत आने वाली पीढ़ियों को कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति की प्रेरणा देती रहेगी।
डीजीपी अनुराग गुप्ता का संदेश
पुलिस बल के हर जवान को यह गर्व महसूस करना चाहिए कि वे उन नायकों के उत्तराधिकारी हैं, जिन्होंने देश और जनता की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि झारखंड पुलिस शहीद परिवारों की हर संभव मदद करती रही है और आगे भी करती रहेगी। पुलिस संस्मरण दिवस परेड न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अवसर था, बल्कि यह पुलिस बल की कर्तव्यपरायणता, अनुशासन और देशभक्ति की भावना को भी दर्शाता है। शहीद आरक्षी सुनील धान समेत सभी 191 वीर जवानों की शहादत देश के इतिहास में अमर रहेगी।


