रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री के मामलों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए दर्ज जनहित याचिका को निष्पादित कर दिया है। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के सचिव सशरीर उपस्थित हुए।
सुनवाई के दौरान JPSC सचिव ने कोर्ट को अवगत कराया कि फूड सेफ्टी अफसरों की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद कोर्ट ने याचिका निष्पादित करते हुए JPSC को आदेश दिया कि फूड सेफ्टी विभाग में अधिकारियों की नियुक्ति तुरंत की जाए।
सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता अदालत में मौजूद थे।
कोर्ट ने अपने पूर्व के आदेश के आलोक में यह निर्देश दिया कि खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए नियुक्तियों में किसी तरह की देरी न हो। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मिलावटी और अवैध खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए पर्याप्त अधिकारियों की उपस्थिति जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फूड सेफ्टी अफसरों की त्वरित नियुक्ति से राज्य में मिलावटी खाद्य पदार्थों की निगरानी और नियंत्रण में सुधार आने की उम्मीद है। इससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा बढ़ेगी और बाजार में मिलावट को रोकने में मदद मिलेगी।
राज्य सरकार ने कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए जल्द ही अधिकारियों की नियुक्ति पूरी करने का आश्वासन दिया है। यह कदम राज्य में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


