झारखंड : झारखंड में शिक्षा परियोजना से जुड़े ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (BRP) ने वेतन में गड़बड़ी और भत्ते की अदायगी न होने के खिलाफ झारखंड उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की है। यह याचिका अवधेश कुमार दीपक सहित 126 बीआरपी ने अधिवक्ता चंचल जैन के माध्यम से दाखिल की है।
Highlights:
एजेंसी पर वेतन में गड़बड़ी का आरोप
याचिका में कहा गया है कि झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा आउटसोर्सिंग एजेंसी JMD Services Pvt. Ltd. को प्रशिक्षित बीआरपी के लिए ₹27,500 और अप्रशिक्षित के लिए ₹26,000 प्रति माह की दर से भुगतान किया जाता है। लेकिन एजेंसी कर्मचारियों को केवल ₹13,975 प्रतिमाह का ही वेतन दे रही है। यानी प्रति कर्मचारी करीब आधी राशि रोक ली जा रही है।
हर महीने करोड़ों रुपये रोके जाने का आरोप
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि एजेंसी द्वारा हर महीने लगभग ₹50,71,875 की राशि गैरकानूनी रूप से रोकी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह “समान कार्य के लिए समान वेतन” के संवैधानिक सिद्धांत का उल्लंघन है।
भत्ते और वार्षिक वेतन वृद्धि की भी मांग
याचिका में बीआरपी ने यह भी कहा है कि राज्य सरकार के पहले से जारी संकल्पों के अनुसार उन्हें ₹2,200 मॉनिटरिंग भत्ता, ₹300 इंटरनेट/मोबाइल रिचार्ज भत्ता और 3% वार्षिक वेतन वृद्धि दी जानी चाहिए, लेकिन अब तक यह भुगतान लंबित है।
अदालत से न्याय की गुहार
याचिकाकर्ताओं ने झारखंड हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि आउटसोर्सिंग एजेंसी को रोककर पूरी वेतन राशि कर्मचारियों को सीधे दी जाए और लंबित भत्तों का भुगतान किया जाए। साथ ही भविष्य में वेतन वृद्धि का भी लाभ सुनिश्चित किया जाए। ब्लॉक रिसोर्स पर्सन का यह मामला राज्य में शिक्षा परियोजनाओं में पारदर्शिता और आउटसोर्सिंग एजेंसियों की भूमिका पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब अदालत का फैसला यह तय करेगा कि कर्मचारियों को उनका पूरा हक कब और कैसे मिलेगा।


