बिहार : बिहार में हो रहे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर रविवार को एक बड़ा राजनीतिक बदलाव होने वाला है, जब पूर्व सांसद और पशुपति कुमार पारस की पार्टी, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष सूरजभान सिंह अपनी पत्नी व पूर्व सांसद वीणा देवी और छोटे भाई चंदन सिंह (पूर्व सांसद) के साथ राजद राजद का दामन थामेंगे. कहा जा रहा है कि मोकामा के ताकतवर नेता को पार्टी की सदस्यता तेजस्वी यादव स्वंय दिलाएंगे. राजनीतिक हलकों में एक ही परिवार के तीन पूर्व सांसदों का एक साथ राजद में जाना चुनाव के मौके पर नए राजनीतिक समीकरण बना सकता है.
सूरजभान सिंह का राजद में आना मोकामा विधानसभा सीट के लिए बहुत खास माना जा रहा है. खबरें हैं कि उनकी पत्नी वीणा देवी मोकामा से चुनाव लड़ सकती हैं, जहां उनका मुकाबला अनंत सिंह के परिवार से हो सकता है. यह मुकाबला 2000 के चुनाव की याद दिलाता है, जब सूरजभान सिंह ने जेल में रहते हुए भी अनंत सिंह के बड़े भाई और तत्कालीन मंत्री दिलीप सिंह को हरा दिया था.
राजद में सूरजभान सिंह की एंट्री को तेजस्वी यादव की नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. तेजस्वी अब राजद को सिर्फ ‘मुस्लिम-यादव’ की पार्टी नहीं, बल्कि ‘ए टू जेड’ यानी सभी जाति-धर्म के लोगों की पार्टी बनाना चाहते हैं. लोकसभा चुनाव में उनकी इस कोशिश से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को काफी नुकसान हुआ था, खासकर कुशवाहा वोट बैंक में.
सूरजभान सिंह पहले रामविलास पासवान के साथ थे और लोजपा के बड़े नेता माने जाते थे. रामविलास पासवान के निधन के बाद जब पार्टी टूटी, तो वह चिराग पासवान को छोड़कर पशुपति पारस के साथ चले गए. 2024 के लोकसभा चुनाव में जब भाजपा ने पारस को किनारे कर दिया, तो सूरजभान सिंह का राजनीतिक भविष्य भी खतरे में आ गया था. ऐसे में बिहार में विधानसभा चुनाव के मौके पर अब सूरजभान सिंह ने तेजस्वी यादव व राजद को चुना है.


