झारखंड : नेक्सजेन के मालिक विनय सिंह के नाम 100 डिसमिल जमीन का म्यूटेशन हुआ था। यह म्यूटेशन तत्कालीन डीसी विनय चौबे के द्वारा तत्कालीन सीओ अलका कुमारी पर दबाव बनाकर कराया गया था। इस म्यूटेशन के लिए विनय चौबे ने राजस्व कर्मचारी संतोष कुमार वर्मा को अपने कक्ष में बुलाकर निर्देश देते हुए रिपोर्ट तैयार करवाया था।
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इस रिपोर्ट को राजस्व कर्मचारी ने तत्कालीन सीआई से मिलकर तैयार किया था। म्यूटेशन कराए गए 100 डिसमिल जमीन में 72 डिसमिल जमीन रैयती और 28 डिसमिल जमीन गैरमजरुआ भूमि है। तत्कालीन डीसी विनय चौबे के द्वारा म्यूटेशन करने के लिए कहने पर जब सीओ अलका कुमारी ने इनकार किया था कि यह नियम विरुद्ध है तो उन्होंने कर्मचारी से रिपोर्ट तैयार करवा कर दे दिया था। इसी कर्मचारी के जांच रिपोर्ट के आधार पर सीओ अलका कुमारी ने म्यूटेशन किया था।
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क्या है पूरा मामला?
हजारीबाग के तत्कालीन सीओ सह चतरा के वर्तमान डीआरडीए निदेशक अलका कुमारी को एसीबी के द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद कोर्ट में 164 का दर्ज बयान में उक्त बातें आई हैं। हजारीबाग वन भूमि घोटाले मामले में एसीबी ने 7 अक्तूबर को चतरा डीआरडीए निदेशक अलका कुमारी का बयान हजारीबाग की विशेष कोर्ट में दर्ज करवाया है। अलका कुमारी पूर्व में हजारीबाग जिले में सदर सीओ के पद पर पदस्थापित रह चुकी है।
उन्होंने कोर्ट में दिए अपने बयान में कहा है कि वर्ष 2010 में जब वह हजारीबाग सदर अंचल में सीओ के पद पर पदस्थापित थीं उस दौरान एक दिन तत्कालीन डीसी विनय चौबे ने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया। जब वह डीसी के कार्यालय पहुंची तो वहां एक व्यक्ति पहले से बैठा हुआ था।
कैसे हुआ म्यूटेशन?
विनय चौबे ने उस व्यक्ति का परिचय कराते हुए बताया कि उस व्यक्ति का नाम विनय सिंह है। जिसके बाद अलका कुमारी को एक दस्तावेज दिया गया और म्यूटेशन करने की बात कही गई। दस्तावेज का निरीक्षण करने पर पता चला कि 72 डिसमिल भूमि रैयती खाते की थी और 28 डिसमिल भूमि गैरमजरुआ खास किस्म की भूमि थी।
अलका कुमारी का कोर्ट में बयान
सीओ अलका कुमारी ने डीसी विनय चौबे को यह बताया कि गैरमजरुआ खास किस्म की भूमि का म्यूटेशन करना नियमसंगत नहीं है। इसके बाद विनय चौबे ने राजस्व कर्मचारी संतोष कुमार वर्मा को बुला लिया और जांच रिपोर्ट देने का आदेश दे दिया।
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विनय चौबे के आदेश के बाद राजस्व कर्मचारी और सीआई ने कुछ ही समय में अपनी रिपोर्ट दे दी। जांच रिपोर्ट आने के बाद डीसी विनय चौबे ने कहा कि रिपोर्ट आ गई है।अब म्यूटेशन करो। विनय चौबे द्वारा म्यूटेशन के लिए कहने पर जब अलका कुमारी ने विरोध किया तो उन्हें विनय चौबे ने कहा कि यह एक आदेश है जिसका अनुपालन करना है।
इसके बाद उनके आदेशानुसार औपचारिकता निभाते हुए विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह के नाम से उक्त भूमि का म्यूटेशन किया गया। अपने बयान में अलका कुमारी ने कहा है कि इस पूरे काम में उनका कोई स्वार्थ नहीं है और यह कार्य उन्होंने तत्कालीन डीसी विनय चौबे के दबाव में आकर किया है। एसीबी अब तक इस केस में विनय कुमार सिंह और विजय सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है और अब विनय सिंह की पत्नी स्निग्धा सिंह व स्निग्धा सिंह के भाई से भी पूछताछ की जा सकती है।


