पटना । एक तरफ जब आम जानता सोच रही है की वोट किसको देनी है, इस बार मुख्यमंत्री कौन बनेगा वही दूसरी तरफ एक गाँव है जो वोट देना ही नहीं चाहता । जी हाँ आपने सही सुना। एक गाँव है नौबतपुर बार पंचायत के वरुणा गाँव जहां के लोग वोट डालना ही नहीं चाहते। और वो इसलिए क्यों की उनके गाँव के स्थिति खराब है। पटना के कई गाँव है जहां आने जाने का कोए साधन नहीं है। गाँव के किसानों को 10 किमी गाँव पार करके फसल लाने के लिए जाना पड़ता हैं। स्माइलपुर के साथ-साथ चौरा गांव के लगभग 1,500 मतदाता है वही वरुणा गांव में 1000 मतदाता।
क्या है मामला

पटना में विधान सभा चुनाव 2025 से पहले कई गाँव ऐसे है जिन्होंने बहिष्कार करने का फैसला किया। गाँव वाले ने चेतावनी दी है कि जब तक गांव में पुल का निर्माण नहीं होगा, तब तक वे वोट नहीं डालेंगे। साथ ही गांव और आसपास के इलाकों में ‘पुल नहीं तो वोट नहीं’ के बैनर लगाए गए हैं। इस्माइलपुर के साथ-साथ चौरा गांव के लगभग 1,500 मतदाताओं ने भी वोट बहिष्कार का ऐलान किया है. ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर वे कई बार पथ निर्माण विभाग, बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई विभाग से लेकर पटना जिलाधिकारी तक को आवेदन दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस्माइलपुर के ग्रामीणों का कहना है कि पानी निकासी की पुरानी नहर को कोहामा और नेटार गांव के पास भर दिया गया है, जिससे पानी का बहाव पूरी तरह रुक गया है. बात करे वरुणा गाँव की तो वरुणा गांव के किसान सत्यनारायण कुमार ने बताया कि पुल नहीं होने से खेतों से फसल लाने के लिए ट्रैक्टर को तीन गांवों को पार कर के जाना पड़ता है, वो तीन गाँव है – बारा, तरारी और खजूरी और ये तीनों गाँव से होकर 10 किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता है। इससे गरीब किसानों को खर्च का बोझ बढ़ जाता है। साथ ही वरुणा गांव में लगभग 250 घर और करीब 1000 मतदाता हैं लेकिन गांव के लोगों ने एकजुट होकर जनप्रतिनिधियों के गांव में प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही है।


