Saturday, September 12, 2026

जुबिन गर्ग मौत मामला: असम पुलिस की बड़ी कार्रवाई, संगीतकार और गायिका गिरफ्तार, हत्या की धारा जुड़ी

गुवाहाटी : पूर्वोत्तर भारत के लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग की रहस्यमय मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। 19 सितंबर को सिंगापुर के एक यॉट पर हुई इस घटना को शुरू में एक हादसा बताया गया था, लेकिन लगातार मिलते नए सबूतों और गवाहियों ने इसे अब हत्या की दिशा में मोड़ दिया है। गुरुवार को असम पुलिस ने इस मामले में दो और बड़ी गिरफ्तारियां कीं, जिससे इस केस की जाँच और पेचीदा हो गई है।

यॉट पार्टी और जुबिन गर्ग की मौत

जानकारी के मुताबिक, 19 सितंबर की रात सिंगापुर में एक निजी यॉट पार्टी आयोजित की गई थी। इस पार्टी में पूर्वोत्तर भारत की कई बड़ी हस्तियाँ शामिल थीं। इसी पार्टी के दौरान जुबिन गर्ग की मौत हो गई। शुरुआत में कहा गया कि वह यॉट से पानी में गिर गए और उनकी डूबकर मौत हो गई। लेकिन धीरे-धीरे सामने आए वीडियो और बयानों ने शक पैदा कर दिया कि यह सिर्फ हादसा नहीं था।

नई गिरफ्तारियां: संगीतकार और गायिका पर शक

असम पुलिस ने अब इस मामले में संगीतकार शक्हरज्योति गोस्वामी और गायिका अमृतप्रभा महांता को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यॉट पर लगे सीसीटीवी और अन्य वीडियो फुटेज में गोस्वामी को जुबिन गर्ग के बेहद करीब तैरते हुए देखा गया है। वहीं, अमृतप्रभा महांता घटना के दौरान मौजूद थीं और उन्होंने पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया था। पुलिस का मानना है कि दोनों इस घटना के महत्वपूर्ण गवाह ही नहीं, बल्कि घटना से जुड़े अहम तथ्य छुपा भी सकते हैं।

पहले से गिरफ्तार आरोपित

इससे पहले पुलिस ने जुबिन गर्ग के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और नॉर्थईस्ट इंडिया फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानु महांता को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। शुरुआत में उन पर लापरवाही और साजिश के आरोप लगाए गए थे। लेकिन जांच में सामने आए नए सबूतों के आधार पर पुलिस ने उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 103 (हत्या) भी जोड़ दी है। दोनों को गुवाहाटी की अदालत में पेश किया गया और कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस का बयान और जांच की दिशा

सीआईडी के स्पेशल डीजीपी मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने प्रेस से बातचीत में कहा:
“अब तक की जांच और मिले सबूत यह बताते हैं कि जुबिन गर्ग की मौत एक साधारण हादसा नहीं थी। सबूतों की गंभीरता को देखते हुए हत्या की धारा जोड़ने का निर्णय लिया गया है। जांच के दायरे में पार्टी में मौजूद हर शख्स को लिया जा रहा है।” गुप्ता ने यह भी संकेत दिया कि इस केस में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मदद ली जा रही है क्योंकि घटना सिंगापुर में हुई थी।

अंतरराष्ट्रीय पहलू

क्योंकि घटना सिंगापुर में हुई थी, इसलिए इस मामले की जांच में इंटरपोल और सिंगापुर पुलिस से भी सहयोग लिया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि यॉट पार्टी से जुड़े कई वीडियो, कॉल डिटेल्स और डिजिटल सबूत विदेश से ही जुटाए जा रहे हैं।

पूर्वोत्तर में सदमा और गुस्सा

जुबिन गर्ग की मौत की खबर के बाद से ही असम और पूरे पूर्वोत्तर में शोक की लहर है। लोग इस मौत को सिर्फ एक हादसा मानने को तैयार नहीं हैं। प्रशंसकों का कहना है कि जुबिन गर्ग की लोकप्रियता और सामाजिक सक्रियता के कारण उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया हो सकता है। गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ समेत कई जिलों में उनके प्रशंसक न्याय की मांग करते हुए सड़कों पर उतर चुके हैं।

आगे की राह

जांच एजेंसियों के सामने अब कई महत्वपूर्ण सवाल हैं:

  • क्या यह वास्तव में एक साजिश थी?
  • अगर हां, तो इसके पीछे कौन मास्टरमाइंड है?
  • पार्टी में मौजूद अन्य लोग इस घटना के बारे में कितना जानते हैं?
  • और सबसे अहम- क्या सबूत पुलिस को आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में दोषसिद्धि दिलाने के लिए पर्याप्त होंगे?

 

जुबिन गर्ग की मौत का मामला अब सिर्फ एक हादसे से बढ़कर एक संभावित आपराधिक षड्यंत्र के रूप में सामने आ रहा है। पुलिस की लगातार कार्रवाई और गिरफ्तारियों ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

Big Breaking News: एक करोड़ का इनामी नक्सली मिशिर...

रांची: झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और...
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर