धनबाद : बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय में प्रशासनिक नीतियों और कथित वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ आजसू छात्र संघ ने मोर्चा खोल दिया है।विश्वविद्यालय के कुलपति और अधिकारियों की कार्यशैली के विरोध में सोमवार को आजसू छात्र संघ के कार्यकर्ता विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। आंदोलनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों के हितों की अनदेखी करने और विभिन्न मामलों में पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप लगाया है।
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मीडिया से बातचीत में आजसू के प्रदेश सचिव विशाल महतो ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन में विभिन्न स्तरों पर वित्तीय गड़बड़ियां की जा रही हैं। पीएचडी प्रवेश परीक्षा का नोटिफिकेशन अब तक जारी नहीं किया गया है जिससे परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को परेशानी हो रही है। वहीं सीनेट की बैठक और दीक्षांत समारोह आयोजित करने से संबंधित पूर्व में सौंपे गए आवेदनों पर भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब तक कोई लिखित जवाब नहीं दिया है।
विशाल महतो ने आउटसोर्सिंग निविदा प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि पूर्व में जारी निविदा को तत्काल निरस्त किया जाए और झारखंड सरकार की ओर से निर्धारित नवीनतम न्यूनतम मजदूरी तथा संशोधित वीडीए (वैरिएबल डियरनेस अलाउंस) की दरों के आधार पर नई निविदा आमंत्रित की जाए।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की प्रचलित नीतियों तथा जेम (GeM) के प्रावधानों के अनुरूप पात्र एमएसएमई इकाइयों और श्रम सहकारी समितियों को टर्नओवर, कार्यानुभव एवं ईएमडी (अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट) में नियमानुसार छूट मिलनी चाहिए। इससे छोटी इकाइयों और श्रम सहकारी समितियों को भी निविदा प्रक्रिया में निष्पक्ष भागीदारी का अवसर मिल सकेगा।
आजसू छात्र संघ के कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें केवल आश्वासन तक सीमित नहीं हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन को सभी मुद्दों पर ठोस निर्णय लेकर लिखित जवाब देना होगा। जब तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती तब तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी।

