न्यूज डेस्क : लखनऊ में 20 हजार जोड़ों ने रचाई शादी, 51 हजार का लक्ष्य पूरा करने से चूका सामूहिक विवाह अभियान; सुरेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में दहेज मुक्त भारत की पहल.
UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 51 हजार जोड़ों के सामूहिक विवाह का लक्ष्य लेकर आयोजित कार्यक्रम में करीब 20 हजार जोड़ों की शादी संपन्न हुई। राष्ट्र संघ विश्व शांति मिशन के संस्थापक सुरेंद्र कुमार गुप्ता के नेतृत्व में हुए इस आयोजन को दहेज मुक्त भारत अभियान से जोड़ा गया था। 51 हजार जोड़ों की शादी कराने की घोषणा के बाद इस कार्यक्रम पर देशभर की नजरें टिकी थीं। हालांकि, सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, विवाह करने वाले जोड़ों की संख्या तय लक्ष्य से काफी कम रही।
51 हजार जोड़ों के विवाह का रखा गया था लक्ष्य
आयोजकों ने 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के गोमती नगर स्थित मान्यवर श्री कांशीराम जी सांस्कृतिक स्थल पर 51 हजार जोड़ों का सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य रखा था। इस कार्यक्रम का मकसद दहेज प्रथा के खिलाफ लोगों को जागरूक करना और जरूरतमंद परिवारों को बिना दहेज शादी करने का अवसर देना बताया गया था।
करीब 20 हजार जोड़ों ने रचाई शादी
आयोजन से जुड़ी जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में करीब 20 हजार जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। इतने बड़े स्तर पर सामूहिक विवाह के लिए व्यापक तैयारियां की गई थीं। शादी की रस्मों के साथ वर-वधू और उनके परिवारों के लिए भी जरूरी इंतजाम किए गए। आयोजकों ने इस कार्यक्रम के जरिए सादगी से शादी करने और दहेज से दूर रहने का संदेश देने की कोशिश की।
बलिया से शुरू हुई मुहिम को लखनऊ तक पहुंचाने की पहल
राष्ट्र संघ विश्व शांति मिशन इससे पहले साल 2025 में बलिया में भी बड़े स्तर पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित कर चुका है। इसके बाद संस्था ने इस अभियान को और बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की पहल की। लखनऊ में 51 हजार जोड़ों के विवाह का लक्ष्य भी इसी मुहिम का हिस्सा था।
दहेज मुक्त विवाह का संदेश कितना असरदार रहा?
दहेज प्रथा आज भी समाज के सामने एक बड़ी चुनौती है। शादी में होने वाले खर्च और दहेज की मांग के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सामूहिक विवाह जैसे आयोजन जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत देने के साथ सादगीपूर्ण शादी का संदेश भी देते हैं।
लखनऊ के इस कार्यक्रम में 51 हजार जोड़ों के विवाह का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन करीब 20 हजार जोड़ों की ही शादी संपन्न होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में यह आयोजन दहेज मुक्त विवाह के संदेश के साथ अपने तय लक्ष्य को लेकर भी चर्चा में है।
सुरेंद्र गुप्ता बोले- दहेज मुक्त समाज बनाना हमारा संकल्प
राष्ट्र संघ विश्व शांति मिशन के संस्थापक सुरेंद्र कुमार गुप्ता के प्रस्तावित बयान के मुताबिक, उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल बड़ी संख्या में शादियां कराना नहीं है, बल्कि समाज को दहेज जैसी कुरीति से मुक्त करने के लिए ठोस पहल करना है। हमने 51 हजार जोड़ों के विवाह का लक्ष्य रखा था। करीब 20 हजार जोड़ों का विवाह संपन्न होना भी इस अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारा प्रयास है कि आर्थिक मजबूरी के कारण किसी बेटी की शादी न रुके और हर परिवार सम्मान के साथ अपने बच्चों का विवाह कर सके। यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी।”

