रांची : बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफ़ान ‘मुरासु’ और अधिक शक्तिशाली हो गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक़, तूफ़ान पिछले छह घंटों के दौरान 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है. बंगाल की खाड़ी में उठा यह दूसरा चक्रवाती तूफ़ान है. इससे पहले 26 अक्टूबर को चक्रवात ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था. इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में बारिश हुई थी.
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मौसम विभाग ने दी ये जानकारी
मौसम विभाग के अनुसार, तूफ़ान फ़िलहाल तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से क़रीब 260 किलोमीटर, आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से 290 किलोमीटर, मछलीपट्टनम से 320 किलोमीटर और विशाखापत्तनम से क़रीब 470 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है. आईएमडी ने बताया कि चक्रवाती तूफ़ान ‘मुरासु’ के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है. अनुमान है कि यह 2की मध्यरात्रि से 3 नवंबर की सुबह के शुरुआती घंटों के बीच आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट से टकरा सकता है.
इन राज्यों में होगा असर
तूफ़ान के तट से टकराने के दौरान हवा की रफ़्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है. वहीं, इस दौरान हवा के झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. मौसम विभाग के मुताबिक़, चक्रवाती तूफ़ान ‘मुरासु’ का असर देश के 10 राज्यों और क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है. इनमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र का विदर्भ क्षेत्र और पूर्वी मध्य प्रदेश शामिल हैं.
झारखंड में दिख सकता प्रभाव
झारखंड में मौसम का मिजाज अगले चार दिनों तक बदला-बदला रह सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 1 से 4 नवंबर तक राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। आसमान में बादलों की आवाजाही और मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
इधर, बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ तेजी से शक्तिशाली होने की खबर है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 2 नवंबर की सुबह तक इसके गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मौसम बिगड़ सकता है।

