नीरज कुमार से ललन सिंह को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ललन सिंह JDU के वरिष्ठ नेतागण मे से हैं, तात्कालिक सवालों पर मतभेद हुआ, तो उस सवालों पर मैंने जवाब दिया। अब पार्टी के अंदर का यह मसला है। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने इसको गंभीरता से लिया है, प्रदेश नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। पार्टी की साख हमारी बच गई, यह महत्वपूर्ण हम सबों के लिए था।”
इसके बाद नीरज कुमार से सवाल किया गया कि वह ललन सिंह से बधाई लेने क्यों नहीं जाएंगे। इस पर नीरज कुमार ने कहा कि ललन सिंह के वरिष्ठ और संस्थापक सदस्य होने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, उन्होंने पुराने विवाद का जिक्र करते हुए कहा, “इस बात को कौन नहीं मान रहा है? सवाल यह है कि क्रिया के विरुद्ध प्रतिक्रिया होती है। क्रिया की शुरुआत 2019 में हुई थी।”
नीरज कुमार के मुताबिक, 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया गया था, जबकि उनका उस मामले से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने दावा किया कि बाद में पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद मामला बंद हो गया था।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर 2019 की घटना का हिसाब 2026 में मांगा जाएगा, तो क्या वह विरोध भी नहीं करेंगे? नीरज कुमार ने यह भी कहा कि 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी के लिए ईमानदारी से काम किया।

