चाईबासा : नोवामुंडी वन क्षेत्र के अंतर्गत राजस्व ग्राम बड़ाबालजोड़ी के सिंदरीगुऊ टोला में एक सिंचाई कुएं में डूबने से जंगली हाथी की मौत हो गई। बताया जाता है कि कुएं में गिरने के बाद हाथी पूरी रात बाहर निकलने के लिए संघर्ष करता रहा, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है।
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ग्रामीणों के अनुसार पिछले चार दिनों से गांव के आसपास 22 जंगली हाथियों का झुंड विचरण कर रहा था। इसी दौरान एक हाथी ढलान पर स्थित सिंचाई कुएं में गिर गया। बूंदाबांदी के कारण आसपास की मिट्टी गीली और फिसलन भरी हो गई थी, जिससे हाथी के लिए कुएं से बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
रातभर संघर्ष करने के बाद आखिरकार हाथी ने दम तोड़ दिया। कुएं में गिरे अपने साथी को बाहर निकालने के प्रयास में हाथियों के झुंड ने खेतों में जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान करीब 70 डिसमिल जमीन पर लगी धान की पककर तैयार फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया।
किसानों के लिए कटाई के ठीक पहले हुई इस क्षति से भारी नुकसान की आशंका है। घटना की सूचना के बावजूद खबर लिखे जाने तक नोवामुंडी वन विभाग के कर्मी घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाए थे। कुएं के पानी में हाथी का शव मुंह के बल तैरता हुआ दिखाई दे रहा था।
शव की स्थिति के कारण यह स्पष्ट नहीं हो सका था कि मृत हाथी नर था या मादा। फिलहाल ग्रामीणों की नजर वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी है। हाथी की मौत के साथ ही धान की फसल को हुए नुकसान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।

