Thursday, October 29, 2026

बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए छुट्टी के नए नियम लागू, अब ई-शिक्षाकोष पोर्टल से करना होगा आवेदन

बिहार: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए छुट्टी लेने के नियम बदल गए हैं। अब शिक्षकों को छुट्टी के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए आवेदन करना होगा। मौखिक रूप से छुट्टी मांगने या कागज पर आवेदन देने से काम नहीं चलेगा। नए नियमों के तहत छुट्टी की मंजूरी के लिए भी समय तय किया गया है।

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अब ऑनलाइन करना होगा आवेदन

नए नियम के अनुसार, सभी शिक्षकों को छुट्टी लेने से पहले ई-शिक्षाकोष पोर्टल या मोबाइल ऐप पर आवेदन करना होगा। आवेदन और मंजूरी का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेगा। बिना मंजूरी के छुट्टी लेने पर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

नए शिक्षकों को तीन साल तक नहीं मिलेगी Earned Leave 

नए नियमों में Earned Leave लेकर भी प्रावधान बताया गया है। इसके अनुसार, नए शिक्षकों को शुरुआती तीन साल तक Earned Leave नहीं मिलेगी। वहीं, 11 महीने काम करने पर एक महीने के बिना वेतन वाले अवकाश का प्रावधान भी बताया गया है। इसके अलावा, एक बार में अधिकतम दो महीने तक की छुट्टी लेने की बात कही गई है। अलग-अलग तरह की छुट्टियों के लिए विभाग के नियमों का पालन करना जरूरी होगा।

कैजुअल लीव पर उसी दिन होगा फैसला

कैजुअल लीव के लिए किए गए आवेदन पर प्रधानाध्यापक या प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी यानी BEO को उसी दिन फैसला लेना होगा। वहीं, मैटरनिटी लीव, बच्चों की देखभाल के लिए मिलने वाली छुट्टी और मेडिकल लीव के आवेदन को तीन कार्य दिवसों के अंदर जिला शिक्षा पदाधिकारी यानी DEO के पास भेजना होगा।

समय पर फैसला नहीं हुआ तो DEO के पास जाएगा आवेदन

नए नियमों में अधिकारियों के लिए भी समय तय किया गया है। अगर कोई अधिकारी तय समय में आवेदन को आगे नहीं भेजता है, तो आवेदन अपने आप जिला शिक्षा पदाधिकारी के पास पहुंच जाएगा। DEO को आवेदन मिलने के बाद अधिकतम सात कार्य दिवसों के अंदर फैसला लेना होगा। इससे छुट्टी के आवेदन लंबे समय तक लंबित रहने की समस्या कम करने में मदद मिलेगी।

बिना मंजूरी छुट्टी लेने पर रुक सकता है वेतन

बिहार सेवा संहिता के नियम-152 के अनुसार, छुट्टी लेना शिक्षक का अधिकार नहीं है। इसलिए छुट्टी पर जाने से पहले मंजूरी लेना जरूरी है। अगर कोई शिक्षक बिना मंजूरी के स्कूल से अनुपस्थित रहता है, तो उसका वेतन रोका जा सकता है। ऐसे मामलों में सेवा से जुड़े नियमों के तहत कार्रवाई भी हो सकती है।

शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के अनुसार, छुट्टी लेने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए यह व्यवस्था की गई है। अब सभी आवेदन ऑनलाइन होंगे, जिससे उनका रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि तय समय पर आवेदन का निपटारा नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य छुट्टी की प्रक्रिया को बेहतर बनाना और स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को सुनिश्चित करना है।

एयर नाऊ स्पेशल

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