Business Desk: पुणे में Rapido Bike Taxi की मुश्किलें बढ़ गई हैं. बिना जरूरी परमिशन के बाइक-टैक्सी सर्विस चलाने के आरोप में कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. इसके साथ ही, पुणे के जिलाधिकारी ने पुलिस कमिश्नर से Rapido ऐप से बाइक-टैक्सी बुक करने का ऑप्शन हटाने की मांग की है. इस मामले में RTO ने भी सख्ती दिखाई है.
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अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 10 से ज्यादा ऑपरेटरों पर कार्रवाई की जा चुकी है और 60 हजार रुपये से ज्यादा का जुर्माना वसूला गया है. विवाद की सबसे बड़ी वजह यह है कि शिकायत के बाद भी Rapido Bike Taxi ऐप पर बुकिंग का ऑप्शन चालू होने की बात सामने आई है. अब प्रशासन इस सुविधा को बंद कराने की कोशिश कर रहा है.
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Rapido Bike Taxi पर हुई कार्रवाई
पुणे के जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार से कहा है कि Rapido ऐप से बाइक-टैक्सी बुक करने का ऑप्शन हटाने के लिए कदम उठाए जाएं. रिपोर्ट के मुताबिक, पुणे के रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस यानी RTO ने Rapido के खिलाफ FIR दर्ज कराई है. कंपनी पर आरोप है कि वह जरूरी अनुमति के बिना बाइक-टैक्सी सर्विस चला रही है. प्रशासन का कहना है कि पुणे में बाइक-टैक्सी चलाने की अनुमति नहीं दी गई है.
ऐसे में बिना परमिशन इस तरह की सर्विस चलाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है. जिलाधिकारी ने पुलिस कमिश्नर से ऐप के इस फीचर को ब्लॉक कराने के लिए साइबर सेल की मदद लेने की भी मांग की है. यह सुविधा तब तक बंद रखने की बात कही गई है, जब तक जरूरी अनुमति नहीं मिल जाती.
Rapido Bike Taxi पर 60 हजार रुपये से ज्यादा का जुर्माना
पुणे RTO ने बिना अनुमति चल रही बाइक-टैक्सी सर्विस के खिलाफ जांच तेज कर दी है. अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 10 से ज्यादा ऑपरेटरों पर कार्रवाई की गई है. इस अभियान में 60 हजार रुपये से ज्यादा का जुर्माना वसूला गया है. अधिकारियों ने साफ किया है कि पुणे में बाइक-टैक्सी चलाने की अनुमति किसी को नहीं दी गई है. RTO का कहना है कि नियमों का पालन कराने के लिए जांच जारी रहेगी. ऐसे में Rapido Bike Taxi से जुड़े मामले में आगे भी कार्रवाई हो सकती है. हालांकि, जुर्माने की यह रकम 10 से ज्यादा ऑपरेटरों पर की गई कार्रवाई से जुड़ी बताई गई है. इसे केवल Rapido कंपनी पर लगाया गया जुर्माना नहीं समझना चाहिए.
Rapido Bike Taxi को लेकर ऑटो चालकों में नाराजगी
Rapido Bike Taxi की बुकिंग जारी रहने से पुणे के ऑटो-रिक्शा चालकों में भी नाराजगी है. ऑटो यूनियनों का सवाल है कि जब कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है, तो ऐप पर बाइक-टैक्सी बुक करने की सुविधा अभी भी क्यों दिखाई दे रही है. महाराष्ट्र कामगार सभा और ‘बाघतोय रिक्शावाला’ यूनियन के अध्यक्ष केशव क्षीरसागर ने इस मामले पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि यूनियन जल्द ही RTO अधिकारियों से मिलकर कार्रवाई की मांग करेगी. वहीं, रिक्शा पंचायत के अध्यक्ष नितिन पवार ने भी कंपनी के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि पहले भी सर्विस बंद करने की चेतावनी दी गई थी.
इसके बाद भी बात नहीं मानी गई, तो लाइसेंस सस्पेंड करने की कार्रवाई की बात कही गई थी. नितिन पवार की यूनियन भी इस मामले में जवाब मांगने के लिए पुणे के जिलाधिकारी से मिलने वाली है. फिलहाल, Rapido Bike Taxi को लेकर पुणे में प्रशासन और ऑटो यूनियनों के बीच यह मुद्दा चर्चा में है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी से भी इस मामले पर जवाब मांगा गया है, लेकिन उसकी ओर से प्रतिक्रिया आने की जानकारी नहीं है.अब आगे यह देखना होगा कि प्रशासन की मांग के बाद ऐप से बाइक-टैक्सी बुकिंग का ऑप्शन हटाया जाता है या नहीं.

