रांची: JSSC यानी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की CGL परीक्षा 2023 में हुई धांधली और पेपर लीक मामले की जांच में सीआईडी को नए सबूत मिले हैं। जांच एजेंसी ने आरोपियों के CDR यानी Call Detail Record और Mobile Location के आधार पर कई अहम जानकारियां जुटाई हैं। जांच के मुताबिक, 20 और 21 सितंबर 2024 को परीक्षा से पहले कई आरोपियों और अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन की लोकेशन पटना के एक अपार्टमेंट में मिली थी।
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JSSC CGL: पटना में अभ्यर्थियों को रटवाए गए थे प्रश्न-उत्तर
जांच में सामने आया है कि अभ्यर्थियों को पटना के एक अपार्टमेंट के अलावा बोकारो के दुगदा, आसनसोल के नियमतपुर, दुर्गापुर के सितुलपुर और नेपाल के बीरगंज जैसे स्थानों पर इकट्ठा किया गया था। आरोप है कि पटना के अपार्टमेंट में करीब 25 से 30 अभ्यर्थियों को परीक्षा से ठीक पहले लीक हुए प्रश्न-पत्र और उनके उत्तर तीन सेटों में रटवाए गए थे। इसके बदले पैसों का लेनदेन भी किया गया था।
बिचौलियों के जरिए पहुंचाई गई नकदी
इस मामले में अभ्यर्थियों और सेटिंग सिंडिकेट से जुड़े लोगों ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों के जरिए पैसों का इंतजाम किया था। आरोप है कि राहुल कुमार राय, रूपेश देव, सुजीत कुमार राय और संजय कुमार जैसे बिचौलियों के माध्यम से नकद रकम पहुंचाई गई। गवाह गजेंद्र कुमार राय के बयान के मुताबिक, नौकरी दिलाने का भरोसा देकर जमीन तक गिरवी रखवाई गई थी। इसके अलावा, बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
दस्तावेज वापस लेने के लिए 5.50 लाख रुपये देने का दावा
जांच में पटना में मूल दस्तावेज वापस लेने के लिए 5 लाख 50 हजार रुपये नकद दिए जाने का विवरण भी सामने आया है। आरोप है कि चयन की गारंटी देने के नाम पर सिंडिकेट ने अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण-पत्र अपने पास रख लिए थे। बाद में इन दस्तावेजों को वापस पाने के लिए गिरिडीह के राजधनवार थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत का उद्देश्य गड़बड़ी होने की स्थिति में अपने मूल प्रमाण-पत्र वापस हासिल करना था।
इस मामले में CID Call Detail Record, Mobile location, गवाहों के बयान और पैसों के लेनदेन से जुड़े तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

