धनबाद: धनबाद के सिंदरी स्थित शहरपुरा शिव मंदिर परिसर में मंगलवार शाम ऐतिहासिक रावण दहन समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक 65 फीट ऊंचे रावण के पुतले को धू-धूकर जलाया गया। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए सिंदरी समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। शाम होते-होते मंदिर परिसर में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
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समारोह की शुरुआत शाम करीब चार बजे शहरपुरा शिव मंदिर समिति की ओर से निकाले गए भव्य जुलूस के साथ हुई। जुलूस में भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान के साथ वानर सेना रथ पर सवार होकर शामिल हुई। शहरपुरा शिव मंदिर से निकला जुलूस नगर भ्रमण करते हुए वापस मंदिर परिसर पहुंचा। इस दौरान झंडा जुलूस में शामिल युवाओं ने पारंपरिक हथियारों के साथ प्रदर्शन किया।
रावण दहन समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बलियापुर के अंचल अधिकारी मुरारी नायक, बीआईटी सिंदरी के निदेशक डॉ. पंकज राय, समाजसेवी लाल बाबू सिंह, कुंभनाथ सिंह, राजपूत विचार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष देवनाथ सिंह, गोविंदपुर प्रखंड प्रमुख निर्मला सिंह, विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री सोनू गिरी और झामुमो के जिला उपाध्यक्ष मुकेश सिंह समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए। समारोह में आयोजन समिति की ओर से सभी अतिथियों को अंगवस्त्र और बुके देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान हुई आतिशबाजी ने समारोह के उत्साह को और बढ़ा दिया। इसके बाद भगवान राम और रावण के बीच युद्ध का मंचन किया गया। जैसे ही भगवान राम का तीर रावण के पुतले की नाभि में लगा, 65 फीट ऊंचा रावण का पुतला आग की लपटों में घिर गया। रावण दहन का यह दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। रावण दहन के साथ ही सिंदरी में बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश गूंज उठा। पूरे आयोजन के दौरान लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।

