रांची: झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर पुलिसकर्मियों के कल्याणकारी कार्यों के प्रति पुलिस मुख्यालय के स्तर पर हो रही लापरवाही को लेकर डीजीपी तदाशा मिश्रा को हटाने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मुर्मू और महामंत्री संजीव कुमार की ओर से लिखे गए अपने पत्र में आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मियों की समस्याओं के निवारण के लिए पूर्व में 27 जून 2025 से लेकर 28 जुलाई 2026 के बीच 11 पत्र भेजे गए, लेकिन इन समस्याओं के निराकरण की कोई पहल नहीं हुई।
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संगठन का कहना है कि इस संवेदनहीनता के कारण पुलिसकर्मियों में भारी रोष है और पुलिस मुख्यालय के प्रति अविश्वास का भाव पैदा हो गया है, जिससे कभी भी कोई भी भयावह स्थिति उत्पन्न हो सकती है. इससे पुलिसकर्मियों में काफी आक्रोश है और दबी जुबान में पुलिसकर्मियों का कहना है कि बिना काम करने वाले डीजीपी स्वीकार्य नहीं है.
झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू और महामंत्री संजीव कुमार ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल, मुख्य सचिव और गृह सचिव को प्रतिलिपि भेजकर 15 दिनों के भीतर महानिदेशक को हटाने तथा पुलिस के कल्याणकारी कार्यों, पदोन्नति, स्थानांतरण, स्वास्थ्य और लंबित भत्तों से संबंधित मांगों पर विचार करने की मांग की है. ऐसा न होने पर एसोसिएशन ने आगे की रणनीति बनाने की चेतावनी दी है.
पत्र में आरोप लगाया गया है कि पिछले एक वर्ष से शिकायत कोषांग की बैठक आयोजित करने के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर से केवल कमेटियों का गठन किया जा रहा है, लेकिन बैठक की तारीख तय नहीं की जाती. इस लचर व्यवस्था के कारण हृदय, किडनी और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित पुलिस पदाधिकारियों के लगभग पांच सौ आवेदन फाइलों में दबे पड़े हैं. बीमारी के आधार पर स्थानांतरण चाहने वाले इन कर्मियों की सुनवाई न होने से उनकी स्थिति दयनीय बनी हुई है.

