झारखंड: JSSC यानी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी की CGL परीक्षा 2023 में पेपर लीक और धांधली के मामले में CID की जांच में कई बड़े खुलासे हुए हैं। जांच के मुताबिक, यह मामला केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं था, बल्कि कई राज्यों में फैला एक संगठित गिरोह इस पूरे खेल में शामिल था। जांच में झारखंड के बोकारो, पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों और बिहार की राजधानी पटना से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई है।
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पटना में अभ्यर्थियों को ठहराकर दिए गए प्रश्न-उत्तर
CID की जांच के अनुसार, पटना के एक अपार्टमेंट में करीब 25 से 30 अभ्यर्थियों को ठहराया गया था। यहां उन्हें तीन अलग-अलग सेट में प्रश्न पत्र और उनके उत्तर उपलब्ध कराए गए थे। जांच में यह भी पता चला कि इस पूरे मामले में अलग-अलग जगहों पर लोगों के बीच संपर्क था और परीक्षा में गड़बड़ी करने के लिए पहले से तैयारी की गई थी।
नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये का लेन-देन
इस मामले में अभ्यर्थियों से पैसे लेने की बात भी सामने आई है। CID की केस डायरी के अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों से पहले एडवांस लिया जाता था, जबकि बाकी रकम परीक्षा का परिणाम आने के बाद किश्तों में ली जाती थी। जांच में पटना के बिचौलिए संजय साव को 5 लाख 50 हजार रुपये दिए जाने और इसके बाद दस्तावेज वापस लेने से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है।
मूल प्रमाणपत्र और जमीन तक रखी गई गिरवी
जांच में यह भी पता चला कि नौकरी दिलाने का भरोसा देकर गिरोह के लोग अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र अपने पास रख लेते थे। कुछ मामलों में गारंटी के तौर पर जमीन गिरवी रखने के सबूत भी मिले हैं। इससे पता चलता है कि नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से बड़ी रकम वसूलने का कथित खेल चल रहा था।
मोबाइल रिकॉर्ड से आरोपियों के संपर्क का पता चला
CID ने आरोपियों और बिचौलियों के बीच संपर्क की जानकारी जुटाने के लिए मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड और टावर लोकेशन की जांच की। इन रिकॉर्ड के आधार पर पटना समेत दूसरे ठिकानों पर आरोपियों की मौजूदगी और उनके आपसी संपर्क की पड़ताल की गई।
परीक्षा केंद्रों पर भी गड़बड़ी के आरोप
शुरुआती शिकायत में धनबाद के कुमार बीएड कॉलेज, बलियापुर और रातू के मखमंद्रो परीक्षा केंद्र का जिक्र किया गया था। आरोप था कि परीक्षा से पहले मोबाइल पर उत्तर देखकर उन्हें कागज या अखबार पर लिखा गया। इस मामले से जुड़े कुछ वीडियो और तस्वीरें भी सामने आने की बात कही गई थी।
उत्तर कुंजी में गलत जवाब शामिल करने का भी आरोप
CID की जांच में एक और गंभीर बात सामने आई है। जांच के अनुसार, आयोग की ओर से जारी उत्तर कुंजी में जानबूझकर कुछ गलत जवाब शामिल किए गए थे। आरोप है कि इसके जरिए कुछ अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई। इसके लिए आपत्तियां दर्ज कराकर विशेषज्ञ समिति के माध्यम से उत्तर बदलवाने का रास्ता अपनाए जाने की आशंका जताई गई है।
फिलहाल, इस मामले में सामने आए तथ्यों ने JSSC-CGL परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जांच में सामने आए आरोपों और सबूतों के आधार पर मामले की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

