रांची : झारखंड हाईकोर्ट में माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा से जुड़े यूजर डस नोट एक्सिस्ट (‘User Does Not Exist’) तकनीकी मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई. विकास पांडेय एवं अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सभी 20 याचिकाकर्ताओं के लिए सीटें सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है. याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन, अधिवक्ता अभिजीत इंद्र गुरु, अधिवक्ता अभिषेक कुमार ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा.
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सुनवाई के दौरान झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से उपस्थित अधिवक्ता संजय पिपरवाल ने अदालत को बताया कि आउटसोर्सिंग एजेंसी का कंप्यूटर विशेषज्ञ किसी अन्य नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित मामले में न्यायिक हिरासत में है, जिसके कारण वह आज अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं हो सका. उन्होंने यह भी बताया कि आयोग की ओर से नियुक्ति के लिए अनुशंसा राज्य सरकार को भेज दी गई है. हालांकि, राज्य सरकार द्वारा अभी तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए हैं. सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने न्यायहित में सभी 20 याचिकाकर्ताओं के लिए सीटें सुरक्षित रखने का आदेश पारित किया है.
उल्लेखनीय है कि इस मामले में JSSC की ओर से पूर्व में शपथ पत्र दाखिल किया गया था. आयोग ने अपने जवाब में यह संभावना व्यक्त की थी कि अभ्यर्थियों द्वारा ई-मेल आईडी अथवा पासवर्ड सही तरीके से दर्ज नहीं किए जाने के कारण ऐसी समस्या उत्पन्न हुई होगी. मामले की वास्तविक तकनीकी स्थिति स्पष्ट करने तथा समस्या के कारणों की जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से अदालत ने आयोग के आईटी विशेषज्ञ को उपस्थित होने का निर्देश दिया था. हालांकि, मंगलवार की सुनवाई में संबंधित तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित नहीं हो सके. इस मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को निर्धारित की गई है.

