नई दिल्ली: कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार शाम विपक्षी इंडिया ब्लॉक के नेताओं को चाय पार्टी पर बुलाया। बैठक के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग कर रहे राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (एसआईआर) को लेकर उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा.
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उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “भारत के मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट और भारत की न्याय व्यवस्था के प्रति हमारे मन में बेहद सम्मान है. उनकी अपनी भूमिका है. हमें उम्मीद है कि वे वह भूमिका निभाएंगे. लेकिन हम राजनीतिक लोग भी हैं. चाहे कुछ भी हो, राजनीतिक प्रतिरोध जारी रहेगा, जनता का प्रतिरोध जारी रहेगा और अंततः उसकी जीत होगी.”
यह मांग ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की उस रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में उठाई गई है, जिसमें बताया गया है कि पिछले साल स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न यानी एसआईआर अभियान के दौरान चुनाव आयुक्तों को कई फ़ैसलों की जानकारी नहीं दी गई थी और दोनों चुनाव आयुक्तों ने इन फ़ैसलों पर बार-बार आपत्ति जताई थी.
‘बीजेपी लोकतंत्र और संविधान की दुश्मन : नेहा बोरा
इधर चाय की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “जब हम कहते हैं कि यह लड़ाई जनता बनाम बीजेपी की है, तब हम एक ऐसे दुश्मन की बात कर रहे होते हैं, जो इस देश के लोगों, भारतीय लोकतंत्र और संविधान का दुश्मन है. उसका नाम बीजेपी है.”
नेहा बोरा ने कहा, “अगर बीजेपी सोचती है कि वह लोकतंत्र की नींव पर हमला करेगी और जब लोग अपने वोट के अधिकार की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरेंगे, तो उनसे प्रदर्शन का अधिकार भी छीन लेगी, तो इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा.” उन्होंने कहा, “मतदाताओं के अधिकारों पर हमला भारत और लोकतंत्र पर हमला है.” नेहा बोरा ने आरोप लगाया, “एसआईआर प्रक्रिया के साथ समझौता हो चुका है, इसलिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा.”

