वाराणसी: चिरईगांव क्षेत्र के रुस्तमपुर गांव में पांच बच्चे डायरिया की चपेट में आ गए. गांव की एक दुकान से पैकेट वाला पेय पीने के बाद सोमवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई. हालत खराब होने पर परिजन 108 एम्बुलेंस से उन्हें सीएचसी नरपतपुर लेकर पहुंचे. जानकारी के मुताबिक दो परिवारों के बच्चों ने शनिवार को पास की दुकान से ड्रिंक खरीदा और पी लिया. उस समय कोई खास दिक्कत नहीं दिखी, लेकिन अगले दो दिनों में बच्चों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द शुरू हो गया. धीरे-धीरे हालत बिगड़ती गई और सोमवार सुबह उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा.
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अस्पताल में क्या हुआ
सीएचसी नरपतपुर में डॉक्टरों ने बच्चों का प्राथमिक इलाज किया. जांच के बाद चार बच्चों की हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. एक बच्चे का इलाज परिवार वाले गांव में ही करवा रहे हैं. डॉक्टरों के अनुसार बच्चों में डायरिया के लक्षण साफ नजर आए.
बिगड़ी बच्चों की तबीयत
स्वास्थ्य टीम की जांच में सामने आया कि बच्चों ने जो पेय पिया था, उसकी एक्सपायरी डेट खत्म हो चुकी थी. यानी तारीख गुजरने के बाद भी वह सामान बेचा जा रहा था. इसी वजह से बच्चों की तबीयत खराब हुई. यह लापरवाही अब चर्चा का विषय बन गई है.
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग एक्शन में
मामले की जानकारी मिलते ही पीएचसी प्रभारी और स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची. उन्होंने परिवारों से बात की और आसपास के लोगों को जागरूक किया. लोगों को सलाह दी गई कि पैकेट वाला कोई भी सामान खरीदने से पहले उसकी निर्माण और अंतिम तारीख जरूर देखें. स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि बच्चों को बाहर के पेय कम दें और अगर दें तो जांच कर ही दें. अगर किसी को उल्टी या दस्त की शिकायत हो तो तुरंत अस्पताल जाएं या 108 एम्बुलेंस की मदद लें. यह घटना बताती है कि खाने-पीने की चीजों में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी बन सकती है. इसलिए सावधानी रखना बेहद जरूरी है.


