दिल्ली: ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए अब मुश्किल बढ़ने वाली है. सरकार ने इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी ITMS को मंजूरी दे दी है. इसका मतलब साफ है कि अब सड़कों पर हर छोटी-बड़ी गलती पर नजर रखी जाएगी. यह सिस्टम दिल्ली पुलिस लागू करेगी और इसे अगले 24 महीने में चरणों में शुरू किया जाएगा. इस नए सिस्टम में AI और हाईटेक कैमरों का इस्तेमाल होगा. ये कैमरे सड़कों पर हर समय एक्टिव रहेंगे और गाड़ियों की गतिविधियों को रिकॉर्ड करेंगे.
Highlights:
अगर कोई रेड लाइट जंप करता है, स्टॉप लाइन पार करता है या तेज रफ्तार में गाड़ी चलाता है, तो सिस्टम खुद ही उसे पहचान लेगा. इसके अलावा गलत लेन में गाड़ी चलाना, गलत दिशा में वाहन ले जाना, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट ड्राइव करना और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल करना भी तुरंत पकड़ा जाएगा. यानी अब ट्रैफिक नियम तोड़ना पहले जितना आसान नहीं रहेगा.
इसे भी पढ़े: स्कूल में अनुशासन के नाम पर 82 छात्रों को आधा गंजा करने पर उठे सवाल, सुपरिटेंडेंट को कारण बताओ नोटिस
सिर्फ चालान नहीं, ट्रैफिक भी होगा स्मार्ट
यह सिस्टम सिर्फ नियम तोड़ने वालों पर नजर रखने के लिए नहीं है. इसका मकसद ट्रैफिक को बेहतर तरीके से मैनेज करना भी है. सड़कों पर VMS बोर्ड लगाए जाएंगे, जिन पर जाम, रूट डायवर्जन और सड़क की स्थिति की जानकारी रियल टाइम में मिलेगी. इसके साथ ही यह डेटा नेविगेशन ऐप्स से भी जोड़ा जा सकता है. यानी ड्राइवर पहले से जान पाएंगे कि कहां ट्रैफिक ज्यादा है और कौन सा रास्ता खाली है. इससे जाम कम करने में मदद मिलेगी.
इमरजेंसी में समय बचाने की कोशिश
ITMS का एक बड़ा फायदा इमरजेंसी सेवाओं को भी मिलेगा. एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहनों के लिए जरूरत पड़ने पर ग्रीन कॉरिडोर बनाया जा सकेगा. सिस्टम ट्रैफिक सिग्नल को इस तरह कंट्रोल करेगा कि इमरजेंसी वाहन बिना रुके आगे बढ़ सकें. यह सुविधा खास तौर पर उन स्थितियों में अहम होगी, जहां हर सेकंड कीमती होता है. इस सिस्टम के लागू होने के बाद लोगों को दो बड़े बदलाव दिखेंगे. पहला, नियम तोड़ने पर तुरंत कार्रवाई होगी. दूसरा, ट्रैफिक पहले से ज्यादा व्यवस्थित नजर आएगा. हालांकि शुरुआत में लोगों को सख्ती ज्यादा महसूस हो सकती है, लेकिन लंबे समय में इससे सफर आसान और सुरक्षित होगा.
क्यों जरूरी है यह बदलाव
दिल्ली में बढ़ती गाड़ियों और ट्रैफिक जाम को देखते हुए यह कदम जरूरी माना जा रहा है. तकनीक के इस्तेमाल से न सिर्फ नियमों का पालन बेहतर होगा, बल्कि लोगों का समय भी बचेगा. अब दिल्ली की सड़कों पर नियम तोड़ना मुश्किल होगा और नियम मानना ही सबसे आसान रास्ता बनेगा.


