न्यूज डेस्क: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को रूस पर प्रतिबंधों से जुड़े बिल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. नए क़ानून के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से तेल और प्राकृतिक गैस ख़रीदने वाले पांच सबसे बड़े ख़रीदार देशों पर 100% तक टैरिफ़ लगाने का अधिकार मिल गया है. इनमें रूस के प्रमुख ऊर्जा ख़रीदार भारत और चीन भी शामिल हैं.
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हालांकि, बिल अपने आप भारत या चीन पर 100% टैरिफ़ लागू नहीं करता, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति को ऐसा करने का अधिकार देता है. अमेरिकी संसद (यूएस कांग्रेस) से ये बिल पहले ही पास हो चुका है. बिल का आधिकारिक नाम “लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026” है. यह बिल दिवंगत रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम पर रखा गया है.
ग्राहम की 11 जुलाई 2026 को मृत्यु हो गई थी और वे यूक्रेन के समर्थक और रूस पर कड़े प्रतिबंधों के पक्षधर थे. 48 पन्नों वाले इस बिल में उन देशों के लिए छूट है जो रूस से अपनी ज़रूरत की 15% से कम प्राकृतिक गैस आयात करते हैं और रूस पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए काम कर रहे हैं.
इसके अलावा, बिल में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, रूसी सरकार के बड़े अधिकारियों, बैंकों और दूसरी वित्तीय संस्थाओं के ख़िलाफ़ भी प्रतिबंध शामिल हैं. रूस के उन जहाज़ों के बेड़े पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिनका इस्तेमाल पहले से लगे प्रतिबंधों से बचने के लिए किया जाता है.


