रांची: पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अबु इमरान के अध्यक्षता में शुक्रवार को नेपाल हाउस अवस्थित कार्यालय में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में विभागीय संचालन एवं रख-रखाव नीति को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।बैठक में IIT (ISM) धनबाद, निर्मला कॉलेज राँची और राँची विश्वविद्यालय के प्रख्यात प्रोफेसरों के साथ विस्तृत चर्चा हुई। चर्चा का मुख्य विषय था – इन संस्थानों को विभाग का नॉलेज पार्टनर बनाना।
Highlights:
इसे भी पढ़ें : राज्य सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट में JSSC CGL मामले में 42 व JPSC मामले में 48 पन्नों में सौंपी रिपोर्ट, दी ये जानकारी
बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अबू इमरान ने कहा कि अकादमिक संस्थानों के जुड़ने से योजनाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी और जनता को शुद्ध पेयजल नियमित रूप से मिलने में मदद मिलेगी । उन्होंने कहा कि जल्द ही तीनों संस्थानों के साथ MoU पर हस्ताक्षर किया जाएगा।
बैठक के मुख्य बिंदु:
1. तकनीकी सहयोग: पाइप लाइनों में लीकेज का पता लगाने, जलापूर्ति योजनाओं की डिजाइन और O&M से जुड़ी तकनीकी समस्याओं पर IIT और विश्वविद्यालय तकनीकी सलाह देंगे।
2. जल गुणवत्ता: झारखण्ड के कई जिलों में पानी में आयरन, फ्लोराइड और TDS की समस्या (टेनालिटी) पर संयुक्त रिसर्च किया जाएगा।
3. स्थिरता और पर्यावरण: खनन क्षेत्रों (विशेषकर धनबाद-झरिया) में पर्यावरणीय क्षरण के कारण जल स्रोतों पर पड़ रहे प्रभाव और जल स्रोतों की दीर्घकालीन स्थिरता (Sustainability) पर कार्य योजना बनाई जाएगी।


