Thursday, September 17, 2026

पटना विश्वविद्यालय के छात्रों की हुई जीत, रात 10 बजे तक खुलेगी सेंट्रल लाइब्रेरी

बिहार: पटना विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए सेंट्रल लाइब्रेरी को लेकर एक अहम बदलाव होने वाला है। अब से लाइब्रेरी सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक यानी 14 घंटे क लिए खुलेगी। लोक भवन ने विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर आदेश का पालन करने के लिए कहा है। लेकिन कर्मचारियों की कमी होने के कारण विश्वविद्यालय ने अभी अंतिम व्यवस्था तय नहीं की है।

इसे भी पढे: बिहार में आज बिगड़ेगा मौसम, विभाग ने 20 जिलों के लिए जारी किया अलर्ट

इस बदलाव का मुख्य मकसद छात्रों की पढ़ाई में सहायता करना है। पहले की तुलना में लाइब्रेरी अब दो घंटे ज्यादा खुली रहेगी, जिससे छात्रों को शांति से पढ़ने में मदद मिलेगी। बता दें, कि लाइब्रेरी पहले सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक खुली रहती थी।

सेंट्रल लाइब्रेरी में अभी आउटसोर्स के जरिए 14 कर्मचारी काम कर रहे हैं। विश्वविद्यालय के डीन प्रो. कामेश्वर पंडित ने बताया कि लाइब्रेरी को 14 घंटे खोलने के लिए लोक भवन से पत्र मिला है। लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण फिलहाल इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। लाइब्रेरी को ज्यादा समय तक चलाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत है। इसे देखते हुए निदेशक ने विश्वविद्यालय प्रशासन से और कर्मचारियों की मांग की है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन को इस व्यवस्था पर फैसला लेना है।

राजधानी की सेंट्रल लाइब्रेरी को खोलने की मांग को लेकर AISF से संबंधित छात्रों ने एक सप्ताह तक भूख हड़ताल भी किया था। इसके बाद लोक भवन की ओर से लाइब्रेरी का समय 12 घंटे से बढ़ाकर 14 घंटे करने की सहमति दी गई है।

पटना विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी करीब 10 साल पहले 24 घंटे खुलती थी। बाद में रात में असामाजिक तत्वों के जमा होने और मारपीट की शिकायतों मिलने के कारण रात में लाइब्रेरी खोलना बंद कर दिया गया। जिसके बाद लाइब्रेरी का समय सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक कर दिया गया था।

अगर नई व्यवस्था लागू होती है, तो छात्रों को रात 8 बजे के बाद भी लाइब्रेरी में पढ़ने का मौका मिलेगा। खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं और विश्वविद्यालय की परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए रात के दो अतिरिक्त घंटे काफी उपयोगी हो सकते हैं।

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

Big Breaking News: एक करोड़ का इनामी नक्सली मिशिर...

रांची: झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और...
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर