रांची के ट्यूलिप हॉस्पिटल में मरीज के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आने के बाद झारखंड सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद अस्पताल का लाइसेंस फिलहाल निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही अस्पताल में नए मरीजों के लिए कई सेवाओं पर तत्काल रोक लगा दी गई है।
Highlights:
नए मरीजों की भर्ती और सर्जरी पर रोक
सरकार की कार्रवाई के तहत ट्यूलिप हॉस्पिटल में नए ओपीडी मरीजों का रजिस्ट्रेशन रोक दिया गया है। इसके अलावा नए मरीजों की भर्ती और नई सर्जरी पर भी फिलहाल रोक रहेगी। यानी जब तक मामले की जांच पूरी नहीं होती और आगे का फैसला नहीं लिया जाता, अस्पताल नए मरीजों को भर्ती करने या नई सर्जरी करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा सकेगा।
हालांकि, सरकार ने पहले से अस्पताल में भर्ती मरीजों को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। अस्पताल में जो मरीज पहले से भर्ती हैं, उनका इलाज जारी रहेगा। उनके इलाज में किसी तरह की रुकावट नहीं होगी और अस्पताल प्रबंधन को मौजूदा मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मरीजों से बदसलूकी बर्दाश्त नहीं
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मामले को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि मरीज और उनके परिजन पहले से ही परेशानी की स्थिति में अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में उनके साथ किसी भी तरह की बदसलूकी, दबंगई या दुर्व्यवहार को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मंत्री ने साफ किया कि अस्पतालों की जिम्मेदारी सिर्फ इलाज उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना भी जरूरी है। स्वास्थ्य व्यवस्था में मरीज सबसे अहम है और उसके साथ किसी भी तरह का गलत व्यवहार गंभीरता से लिया जाएगा।
नियम मानने वाले अस्पतालों को सरकार का सहयोग
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। जो अस्पताल नियमों और तय मानकों का पालन करेंगे, उन्हें सरकार की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा।
लेकिन अगर किसी अस्पताल में मरीजों या उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार होता है या नियमों की अनदेखी की जाती है, तो सरकार कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी। ट्यूलिप हॉस्पिटल पर हुई कार्रवाई को इसी सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
जांच के बाद आगे का फैसला
फिलहाल ट्यूलिप हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित है और नए मरीजों से जुड़ी सेवाओं पर रोक लगाई गई है। अब जांच के नतीजे के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। सरकार की ओर से साफ संकेत दिया गया है कि मरीजों के साथ गलत व्यवहार के मामलों में जिम्मेदारी तय की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।


