रांची : JPSC व JSSC परीक्षा धांधली मामले में सीआईडी की जांच में लगातार नये खुलासे हो रहे हैं. मामले में जेल में बंद मुख्य आरोपी अभय तिवारी को लेकर अब खुलासा हुआ है कि वह दोनों आयोग में पूरी परीक्षा प्रणाली को ध्वस्त करने वाला मुख्य बिचौलिया और साजिशकर्ता है. ब्लैकलिस्टेड कंपनी TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) को बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के सीधे नॉमिनेशन बेसिस पर JPSC से जोड़ने और पूरे काम का ठेका दिलवाने में अभय तिवारी ने मुख्य बिचौलिए की भूमिका निभाई थी.
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इस मामले में प्रमुख आरिपियों में से एक बुधेश्वर भगत के सीआईडी की पूछताछ में दिए गए बयान के अनुसार उसने 14वीं JPSC के लिए 24 अभ्यर्थियों की सेटिंग की थी जिनके नाम अभय तिवारी को दिए गए थे. इनमें से 11 अभ्यर्थियों ने 10-10 लाख रुपये देकर JPSC सिविल सर्विसेज PT परीक्षा पास की.
TDPL के निदेशकों के रांची प्रवास के दौरान पांच सितारा होटल रेडिसन ब्लू का खर्च अभय तिवारी ने अपने निजी बैंक खाते से UPI के जरिए चुकाया था. इसके अलावा अभय तिवारी ने अपने रिश्तेदार सौरभ कुमार पांडेय के नाम पर रांची के लालपुर में एक अपार्टमेंट भी किराए पर लिया था. CID की छापेमारी में इसी ठिकाने से अभय तिवारी के नाम का TDPL कंपनी का आईकार्ड बरामद हुआ था.

