जमशेदपुर : स्टील सिटी की चमकती रातों के पीछे अपराध की दुनिया की एक पुरानी कहानी भी है—गिरोह, वर्चस्व, दुश्मनी और बदले की आशंका। चांडिल के आसनबनी स्थित टेंथ माइल होटल के बाहर 24 अगस्त को निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या के बाद एक बार फिर जमशेदपुर और आसपास के इलाके में आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पुलिस ने मामले में शूटर समेत छह अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसके बावजूद जांच की असली तस्वीर अभी पूरी तरह सामने नहीं आई है।
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11 गोलियों के निशान

निखार पर होटल के बाहर जिस तरह ताबड़तोड़ फायरिंग की गई, उसने पूरे इलाके को दहला दिया। पोस्टमार्टम में उसके शरीर पर 11 गोलियों के निशान मिलने की बात सामने आई है। वारदात को अंजाम देने के लिए बाहर से शूटर बुलाए गए थे।
निखार सबलोक को गणेश सिंह का करीबी बताए जाने की चर्चाओं के बीच पुलिस की जांच अब पुराने आपराधिक मामलों और कथित गिरोहों के नेटवर्क की ओर भी मुड़ती दिखाई दे रही है। गणेश सिंह का नाम पूर्व में विक्रम शर्मा हत्याकांड के संदर्भ में चर्चा में रहा है। ऐसे में पुलिस यह भी खंगाल रही हैं कि निखार की हत्या के पीछे कहीं पुरानी आपराधिक रंजिश, वर्चस्व की लड़ाई या बदले की कोई कड़ी तो नहीं। हालांकि, इन कड़ियों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
बढ़ी गैंगवार की चर्चा
निखार हत्याकांड के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या जमशेदपुर में फिर से गैंगवार का दौर सिर उठा रहा है?
लेकिन आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े पुराने नामों और नेटवर्क की चर्चा ने पुलिस की चिंता जरूर बढ़ा दी है। लेकिन बदले की संभावित कार्रवाई की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
पुराने नेटवर्क की परछाई में जांच
जमशेदपुर में गैंगवार से जुड़ी बड़ी घटनाओं की जांच अक्सर पुराने आपराधिक नेटवर्क तक पहुंचती रही है। इसी क्रम में अखिलेश सिंह का नाम भी चर्चाओं में आता रहा है। वह वर्तमान में दुमका जेल में बंद है। छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद निखार हत्याकांड की कहानी अभी अधूरी है। पुलिस के सामने अब कई अहम सवाल हैं,
क्या वारदात के पीछे पुरानी गैंग रंजिश थी? या फिर सबसे अहम—क्या इस नेटवर्क में अभी भी कुछ चेहरे पर्दे के पीछे हैं? इन सवालों के जवाब पुलिस जांच के आगे बढ़ने के साथ सामने आएंगे। फिलहाल निखार हत्याकांड ने स्टील सिटी की आपराधिक दुनिया में हलचल जरूर बढ़ा दी है और सबसे ज्यादा नजर अब पुलिस की उस जांच पर है, जो गोलियों की आवाज के पीछे छिपी असल साजिश तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

