रांची : JSSC CGL परीक्षा पेपर लीक व धांधली मामले में जांच एजेंसी सीआईडी ने परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी कोलकाता की विवादित आउटसोर्सिंग कंपनी बेवेल के डायरेक्टर मिथिलेश सिंह के फिलहाल नेपाल में होने की बात कही जा रही है. मामले में सीआईडी की बढ़ती दबिश के बीच ऐसी आशंका है कि मिथिलेश सिंह जल्द ही नेपाल से बैंकॉक फरार हो जाए. मिथिलेश सिंह फिलहाल नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में लगातार ठिकाने बदल रहा है और वहां से ही विदेश भागने की फिराक में है. बता दें कि मिथिलेश सिंह को सीआईडी ने केस संख्या 1/2025 में आरोपी बनाया है.
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सीआईडी की जांच तेज
इधर इस मामले में सीआईडी की 17 सदस्यीय एसआईटी ने कार्रवाई तेज़ करते हुए इस मामले में अब तक लगभग 150 संदिग्धों और अभ्यर्थियों को नोटिस जारी कर पूछताछ की जा चुकी है. इसमें अभ्यर्थियों के अलावा दलालों, एजेंटों और परीक्षा का संचालन करने वाली एजेंसी के बीच हुए ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन के पक्के सबूत मिले हैं. जांच से यह स्पष्ट हो चुका है कि भारी रकम लेकर अभ्यर्थियों को प्रश्न-उत्तर रटवाए गए थे.
इधर शनिवार को रिश्वत देकर सफलता हासिल करने वाले गिरफ्तार चार अभ्यर्थियों को सीआईडी की विशेष अदालत ने न्यायिक हिरासत में होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार भेज दिया. वहीं दिल्ली से गिरफ्तार सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार से सीआईडी की पूछताछ जारी है. इन दोनों से पूछताछ के लिए सीआईडी को 5 दिनों की रिमांड मिली है. ये दोनों परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी मेसर्स वेबेल टेक्नोलॉजी की सहयोगी संस्था आइसीएन के कर्मचारी हैं. वेबेल ने आइसीएन के जरिए परीक्षा आयोजित कराई थी.


