रांची: जेपीएससी परीक्षा धांधली मामले में सीआईडी की अब तक की जांच व पूछताछ में जेल में बंद JPSC की निलंबित उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता ने एक और खुलासा किया है. पूछताछ में श्वेता गुप्ता ने बताया कि आयोग में परीक्षा संचालन का टेंडर विवादित एवं दागी कंपनी TDPL को सौंपने का फैसला JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते का था. TDPL को टेंडर देने के फैसले में उनकी कोई व्यक्तिगत या प्रशासनिक भूमिका नहीं थी.
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निलंबित उप परीक्षा नियंत्रक ने दावा किया कि टेंडर आवंटन की पूरी प्रक्रिया को बेहद नियम-विरुद्ध और गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया था. इस पूरी गोपनीय सौदेबाजी और टेंडर सौंपने के फैसले में अहम भूमिका तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की थी. टेंडर आवंटन में एल. ख्यांग्ते के सीधे निर्देशों व आदेशों के तहत ही उन्होंने कंपनी के साथ एग्रीमेंट पेपर्स पर हस्ताक्षर किए थे. श्वेता गुप्ता के इस खुलासे के बाद अब पूर्व अध्यक्ष की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है.
बता दें कि सीआईडी जेपीएससी परीक्षा धांधली मामले में अब तक 24 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, इसमें कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी, पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते, निलंबित उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, सुमन सौरभ समेत अन्य लोग शामिल है. इस मामले में सीआईडी लगभग एक हजार पन्नों की केस डायरी कोर्ट में जमा कर चुकी है.

